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Ration Card New Rules: अंत्योदय राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी खबर, अब परिवार नहीं बल्कि सदस्यों के हिसाब से मिलेगा अनाज

Ration Card New Rules: अंत्योदय राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी खबर, अब परिवार नहीं बल्कि सदस्यों के हिसाब से मिलेगा अनाज

सरकार बदलने जा रही है मुफ्त राशन की यह पुरानी व्यवस्था

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AAmandeep Singh

Ration Card New Rules: देश के सबसे गरीब तबके को खाद्य सुरक्षा देने वाली महत्वाकांक्षी ‘अंत्योदय अन्न योजना’ के नियमों को केंद्र सरकार नए सिरे से परिभाषित करने जा रही है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में विसंगतियों को दूर करने और खाद्यान्न के सही आवंटन के उद्देश्य से ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक- 2026’ का खाका तैयार किया गया है।

यदि यह प्रस्तावित कानून संसद से पारित होकर धरातल पर उतरता है, तो दशकों से चली आ रही ‘प्रति परिवार 35 किलो राशन’ की बंधी-बंधाई व्यवस्था खत्म हो जाएगी। इसकी जगह अब घर के कुल सदस्यों की गिनती के आधार पर राशन तौला जाएगा। सरकार का तर्क है कि इस कदम से राशन वितरण में अधिक पारदर्शिता और आनुपातिक समानता आएगी।

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क्यों पड़ी नियम बदलने की जरूरत, समझिए मौजूदा और नई व्यवस्था का पूरा गणित

फिलहाल लागू व्यवस्था के अनुसार, अंत्योदय सूची में शामिल हर परिवार को आंख मूंदकर हर महीने 35 किलोग्राम अनाज (गेहूं/चावल) दे दिया जाता है।

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उस परिवार में महज दो लोग रह रहे हैं या फिर सात। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस नीति के कारण दो सदस्यों वाले छोटे परिवार के पास जरूरत से ज्यादा अनाज पहुंच जाता है, जबकि सात सदस्यों वाले बड़े परिवारों के लिए यह नाकाफी साबित होता है।

इसी विसंगति को पाटने के लिए सरकार ने ‘7 किलोग्राम प्रति व्यक्ति’ का नया पैमाना तय किया है। उदाहरण के तौर पर:

2 सदस्यों वाले परिवार को अब 35 किलो के बजाय सिर्फ 14 किलोग्राम राशन मिलेगा।

3 सदस्यों वाले परिवार के हिस्से में 21 किलोग्राम अनाज आएगा।

4 सदस्यों वाले परिवार को 28 किलोग्राम राशन से संतोष करना होगा।

5 सदस्यों वाले परिवार को पूरा 35 किलोग्राम राशन आवंटित किया जाएगा।

6 या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए कैपिंग रूल (अधिकतम सीमा) लागू होगा, जिसके तहत उन्हें भी 35 किलोग्राम से ज्यादा अनाज नहीं मिल सकेगा।

5 से कम सदस्यों वाले परिवारों पर सीधा असर, आम जनता से 13 जुलाई तक मांगे गए सुझाव 

इस संशोधन का सबसे गहरा और सीधा असर उन अंत्योदय कार्डधारकों पर पड़ने जा रहा है जिनके परिवारों का आकार छोटा है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी घर में बुजुर्ग दंपति अकेले रहते हैं, तो उनका राशन आधे से भी कम हो जाएगा। दूसरी तरफ, पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले बड़े परिवारों की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा; उन्हें पहले की तरह ही अधिकतम सीमा का लाभ मिलता रहेगा।

केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के सूत्रों ने यह साफ किया है कि यह नया नियम केवल और केवल अंत्योदय अन्न योजना के बेहद गरीब लाभार्थियों पर ही प्रभावी होगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के दायरे में आने वाले अन्य प्राथमिकता प्राप्त घरेलू (PHH) राशन कार्डधारकों को इस बदलाव से बाहर रखा गया है। उन्हें उनके मौजूदा कोटे के अनुसार प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलोग्राम खाद्यान्न की आपूर्ति बिना किसी कटौती के जारी रहेगी।

देश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत करीब 81 करोड़ लोग लाभान्वित होते हैं, जिनमें से लगभग 7.8 करोड़ लाभार्थी (करीब 2.30 करोड़ परिवार) अंत्योदय अन्न योजना के दायरे में आते हैं। सरकार ने इस बड़े बदलाव को सीधे थोपने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन किया है।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक- 2026 के इस मसौदे को सार्वजनिक कर दिया गया है और इस पर आगामी 13 जुलाई 2026 तक देश के नागरिकों और विशेषज्ञों से सुझाव व आपत्तियां मांगी गई हैं। इन सुझावों की विस्तृत समीक्षा के बाद विधेयक को अंतिम रूप देकर संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा, जहां से पारित होने और राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद नई व्यवस्था को पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा।

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