School Children Refreshment Issue: हरियाणा के पंचकूला में शुक्रवार शाम आयोजित एक बड़े सरकारी कार्यक्रम में प्रशासनिक अव्यवस्था का खमियाजा मासूम स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ा। मौका था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित एक विशेष नाटक के मंचन का, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनने और नाटक देखने के लिए शहर के तमाम निजी और सरकारी स्कूलों के सैकड़ों विद्यार्थियों को बुलाया गया था। लेकिन आयोजकों के तमाम दावों के बीच बच्चों को घंटों मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ा।
दोपहर से बैठे रहे भूखे-प्यासे, नहीं मिले रिफ्रेशमेंट पैकेट
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे दो से तीन प्रमुख स्कूलों के विद्यार्थियों और अध्यापकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्हें दोपहर 2 से 3 बजे के बीच ही ऑडिटोरियम में बिठा दिया गया था। सेक्टर-15 स्थित पीएम श्री गर्ल्स स्कूल की छात्राओं ने वापस लौटते समय अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि वे दोपहर से भूखी-प्यासी बैठी थीं, मगर देर शाम तक उन्हें पानी या रिफ्रेशमेंट का एक पैकेट तक नसीब नहीं हुआ। वहीं मानव मंगल स्कूल के छात्र सार्थक ने बताया कि वह दोपहर 3 बजे से वहां मौजूद था और बिना कुछ खाए-पिए घंटों बैठा रहा। अध्यापकों का आरोप है कि मौके पर खाने-पीने के पैकेट मौजूद होने के बावजूद उन्हें बांटा ही नहीं गया।
अभिभावकों की चिंता बढ़ी तो बीच शो से लौटे स्कूल
कार्यक्रम की समय-सारणी में हुई देरी के चलते पंचकूला के सतलुज स्कूल, सीएल डीएवी स्कूल सेक्टर-11 और गवर्नमेंट स्कूल सेक्टर-7 के बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। जैसे-जैसे शाम ढलती गई, बच्चों के परिजनों के फोन शिक्षकों के पास आने शुरू हो गए। देर रात होने की आशंका और बच्चों के भूखे रहने के कारण कई स्कूलों के प्रबंधन ने नाटक पूरा होने से पहले ही बच्चों को बस में बिठाकर वापस ले जाने का फैसला किया। पीएम श्री स्कूल की एक शिक्षिका ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम सुबह के वक्त आयोजित किए जाने चाहिए ताकि बच्चों और उनके अभिभावकों को मानसिक तनाव न झेलना पड़े।
लाइट बंद होते ही मचा शोर, अधिकारी बोले- जांच कराएंगे
नाटक शुरू होने से ठीक पहले जब अचानक पूरे हॉल की लाइटें बंद कर दी गईं, तो घंटों से परेशान बैठे बच्चों का धैर्य जवाब दे गया। हॉल में अचानक सीटियों और हूटिंग का शोर गूंजने लगा, जिसके बाद मंच से उद्घोषक को माइक पर आकर सफाई देनी पड़ी कि बिजली कटी नहीं है, बल्कि यह नाटक के मंचन का एक हिस्सा है। शिक्षकों के समझाने के बाद ही बच्चे शांत हुए। पूरे मामले पर जब हरियाणा जनसंपर्क विभाग के कमिश्नर एवं सचिव केएम पांडुरंग से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और वे संबंधित अधिकारियों से पूरी जानकारी लेकर जांच करवाएंगे।

