Nangal Chaudhary News: (विजय यादव) दौंखेरा पहाड़ पर खनन लीज विवादों में बनी हुई है। ग्रामीणों की शिकायत मिलने पर माईंस में खनन रकबे की पैमाइश हाे चुकी, जिसकी रिपोर्ट आनी है।
दूसरी तरफ एसडीएम ने फोरेस्ट विभाग के रेंज अधिकारियों को पौधों के नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए हैं। जिसके अनुसार विभागीय टीम ने मौका निरीक्षण, जिसमें पौधे उखाड़ने की पुष्टि हुई है। विभाग ने माईंस संचालक का चालान करके जुर्माना वसूला है। कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने अवैध खनन का आंकलन करके राजस्व वसूली की गुहार लगाई है।
पूर्व सरपंच लालचचंद, कालू बटार, सरवण नंबरदार, महेश नंबरदार, महावीर, छीतरमल, रूड़मल, गिरधारीलाल ने बताया कि दौंखेरा में भूजल संकट की स्थिति बनी हुई, ऐसे में ग्रामीणों की आजीविका पशुपालन व्यवसाय पर निर्भर है।
अधिकांश मवेशियों के चारे का प्रबंध पहाड़ से होता है, जहां दिनभर चरते हैं। पशुओं की निगरानी के लिए कई परिवारों ने पहाड़ की तलहटी पर मकान बना लिया, जिनके साथ में मंदिर व अन्य सार्वजनिक सुविधाएं स्थापित हैं। लेकिन 25 साल पहले विभाग ने पहाड़ के करीब साढे चार हेक्टेयर रकबा पत्थर खनन के लिए लीज पर छोड़ दिया।
लीज अवधि 2021 में समाप्त हो गई थी, लेकिन संचालक ने 2025 तक खनन किया है। इस दौरान उन्होंने पंचायत और फोरेस्ट विभाग की लैंड पर भी पत्थर निकाल लिया। उस दौरान भी ग्रामीणों ने अवैध खनन का विरोध किया था, किंतु पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर लोगों को चुप करवा दिया।
अब विभाग ने स्टोन फील्ड कंपनी को लगभग साढ़े सात हेक्टेयर रकबा लीज के लिए अलॉट कर दिया। इस संचालक ने भी फोरेस्ट और पंचायती जमीन पर खनन करने के मकसद ने मिट्टी उठाने का काम आरंभ कर दिया। फोरेस्ट लैंड पर रातोंरात हरे पेड़ों को उखाड़ दिया गया। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।
एसडीएम के निर्देशों ने रेंज अधिकारी ने मौका निरीक्षण के लिए विभागीय टीम का गठन किया। जिसकी रिपोर्ट में खनन रकबे पर हरे पौधे उखाड़ने की पुष्टि हुई है। विभाग ने तत्परता पूर्वक कार्रवाई करके माईंस संचालक का चालान करके जुर्माना वसूल लिया। लेकिन पंचायती रकबे पर हुए अवैध खनन पर कार्रवाई की प्रक्रिया अटकी हुई है, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों की शुक्रवार को मीटिंग हुई।
इसके बाद उन्होंने एसडीएम उदय सिंह को स्थिति से अवगत कराया है। कहा कि विभागीय अधिकारी और माईंस संचालक में सांठगांठ है जिस कारण पैमाइश रिपोर्ट को प्रभावित करने के प्रयास हो रहे हैं। इसके बाद एसडीएम ने तहसीलदार से पैमाइश रिपोर्ट की जानकारी ली तथा यथाशिघ्र भेजने के निर्देश दिए हैं।
पौधों को उखाड़कर हरियाली को पहुंचाया नुकसान, संचालक पर ठोका जुर्माना
फोरेस्ट विभाग के रेंज अधिकारी रजनीश यादव ने बताया कि दांैखेरा माईंस में हरे पेड़ उखाड़ने की शिकायत एसडीएम कार्यालय की मार्फत मिली थी। इसके बाद विभागीय टीम ने मौका निरीक्षण किया जिसमें छोटे पेड़ उखाड़ने के प्रमाण मिले हैं।
माईंस संचालक का चालान करके जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने बताया कि फोरेस्ट लैंड पर खनन का मलबा भी पड़ा हुआ है, जिसका पहले ही चालान हो चुका है। विभागीय जमीन पर अवैध खनन की पुष्टिजनक रिपोर्ट मिलने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रदुषण बढ़ने और मवेशी पालन का मंडराया संकट
ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपी शिकायत में बताया कि दौंखेरा में भूजल स्तर हजारों फीट गहराई पर है। भूगौलिक समस्याओं के चलते नहरी पानी पहुंचना संभव नहीं। ऐसे में ग्रामीणों की आजीविका पशुपालन पर निर्भर है, जिसमें पहाड़ उपलब्ध घास मददगार साबित हो रही है।
किंतु पत्थर खनन आरंभ होने पर हरियाली उजड़ना आरंभ हो गई, दूसरी तरफ प्रदुषण बढ़ने से ग्रामीणों को अस्थमा, सिलीकोसिस, एलर्जी व अन्य संक्रमित रोग पनपने की चिंता सताने लगी है।

