Ateli Women College Admission: उच्च शिक्षा में बदलाव की बयार अब साफ दिखने लगी है। राजकीय महिला महाविद्यालय अटेली में स्नातक (UG) प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया के दौरान आई पहली मेरिट सूची के आंकड़े शिक्षा जगत को सोचने पर मजबूर कर रहे हैं। कॉलेज में निर्धारित कुल 500 सीटों में से मंगलवार शाम तक केवल 219 छात्राओं ने ही अपनी फीस जमा कराकर दाखिला पक्का कराया है, जबकि बाकी सीटें अभी भी खाली पड़ी हैं।
पारंपरिक कला, वाणिज्य और विज्ञान संकाय में एडमिशन की यह सुस्त रफ्तार दर्शाती है कि अब छात्राएं सिर्फ कागजी डिग्रियां हासिल करने के मूड में नहीं हैं।
बीए, बीकॉम और बीएससी… तीनों संकायों में सीटें खाली
महाविद्यालय से मिले आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो बीए प्रथम वर्ष के लिए कुल 300 सीटें अलॉट की गई हैं, लेकिन पहली सूची में से केवल 159 छात्राओं ने ही फीस जमा कराई है। कमोबेश यही स्थिति बीकॉम की भी है, जहां 80 सीटों के मुकाबले महज 28 छात्राओं ने प्रवेश लिया है।
सबसे ज्यादा निराशाजनक स्थिति विज्ञान संकाय (बीएससी) की देखने को मिल रही है। बीएससी की कुल 120 सीटों में से पहली मेरिट लिस्ट के आधार पर सिर्फ 32 छात्राओं ने ही कॉलेज की चौखट पर कदम रखा है।
रूढ़िवादी विषयों से मोहभंग, हुनर और रोजगार को तवज्जो
बीए, बीकॉम और बीएससी जैसे पारंपरिक पाठ्यक्रमों में घटते दाखिलों को लेकर शिक्षाविदों का मानना है कि आज की छात्राएं अपने भविष्य को लेकर काफी व्यावहारिक हो चुकी हैं। वे रूढ़िवादी ढर्रे से हटकर उन स्किल-बेस्ड कोर्सों, वोकेशनल ट्रेनिंग और प्रोफेशनल फील्ड्स की ओर रुख कर रही हैं, जो सीधे तौर पर रोजगार या सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट से जुड़े हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, युवा महिलाओं का यह बदलता नजरिया इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि वे केवल डिग्री लेने के बजाय पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए नए जमाने के अवसरों को तरजीह दे रही हैं।
अगली सूचियों से उम्मीद
पहली मेरिट सूची के बाद खाली रही सीटों की वजह से अब कॉलेज प्रशासन की उम्मीदें दूसरी और तीसरी मेरिट लिस्ट पर टिकी हैं। महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि आगामी सूचियों के जारी होने के बाद बची हुई सीटों को भरने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

