India Alliance Ramlila Ground Rally: नई दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को इंडिया गठबंधन की महा-रैली आयोजित हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर के विरोध में 20 विपक्षी पार्टियों के शीर्ष नेताओं ने पहले मार्च निकाला और फिर चार घंटे तक शक्ति प्रदर्शन किया। पिछले 25 दिनों में इस मुद्दे पर विपक्ष का यह सातवां साझा प्रदर्शन था। मंच से सीधे तौर पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए।
राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी करवाई है और उन्हें जेल जाना होगा। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त देश की आवाज दबाने का काम कर रहे हैं और वे रात को सो नहीं पा रहे हैं। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्षी दल इस मामले में पीछे नहीं हटेंगे और वोट चोरी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करवाकर देश को न्याय दिलाएंगे।
राहुल गांधी के आरोप
राहुल गांधी ने रैली में कहा कि यह प्रदर्शन किसी एक दल या एक नेता का नहीं, बल्कि संविधान बचाने की देशव्यापी आवाज है। उन्होंने कहा कि जो देश की संपत्ति बेची गई है, उसका हिसाब लिया जाएगा और किसी को भागने नहीं दिया जाएगा। राहुल गांधी के अनुसार चुनावी व्यवस्था के भीतर जनता के अधिकारों का हनन हुआ है, जिसके खिलाफ कानूनी और सियासी दोनों मोर्चों पर लड़ाई लड़ी जाएगी।
ममता बनर्जी का हमला
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बंगाल में वे हारी नहीं हैं, बल्कि उन्हें हराया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव की पूरी गिनती गायब कर दी गई और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीना गया। ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नौकरियों, नागरिक अधिकारों और सम्मान की चोरी के पीछे सत्ताधारी दल का हाथ है।
खड़गे और अखिलेश के बयान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त जहां भी चले जाएं, विपक्ष उन्हें जवाबदेह ठहरा कर रहेगा और छोड़ेगा नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सरकार खुद अपने मतदाता चुन रही है और मौजूदा व्यवस्थाएं जनादेश की चोरी पर टिकी हैं। खड़गे ने कहा कि जनता के मूल अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्षी दल एकजुट होकर सड़क पर उतरे हैं।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश का हवाला देते हुए कहा कि जो लोग यूपी के रास्ते सत्ता में आए थे, उनकी विदाई भी यूपी से ही होगी। उन्होंने कहा कि यूपी की जनता स्वागत अच्छा करती है तो विदाई भी अच्छी करती है और 2027 में विदाई तय है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि 2022 में वोट कटवाकर सरकार बनाई गई थी और चुनाव आयोग को सियासी हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि देश के सभी नागरिक बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान के तहत बराबर हैं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाया जाना गंभीर विषय है और किसी भी नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि देश की मौजूदा समस्याओं को ठीक नहीं किया गया तो भारी नुकसान होगा, वहीं राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनावी धांधली की तुलना महाभारत काल से करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को जेल भेजने की मांग की।

