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औजला के गानों पर फिर उठा विवाद: पुणे कॉन्सर्ट से पहले कानूनी हवाला, चंडीगढ़ के प्रोफेसर की शिकायत पर बाल विकास ने पुलिस को कार्रवाई के दिए आदेश

VVinita Kohli
औजला के गानों पर फिर उठा विवाद: पुणे कॉन्सर्ट से पहले कानूनी हवाला, चंडीगढ़ के प्रोफेसर की शिकायत पर बाल विकास ने पुलिस को कार्रवाई के दिए आदेश
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चंडीगढ़: पंजाबी सिंगर करण औजला के ‘पी पॉप कल्चर इंडिया टूर 2026’ के तहत आज पुणे के महालक्ष्मी लॉन्स, खराड़ी में कांसर्ट होना है। दिल्ली में शो के बाद आयोजित इस कार्यक्रम से पहले विवाद खड़ा हो गया। चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. धरनेवर की शिकायत पर महिला-बाल विकास अधिकारी रोहिणी उबाले ने संबंधित पुलिस स्टेशन को निर्देश जारी किए। आदेश में कहा गया कि कुछ गानों की सामग्री नाबालिगों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, इसलिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

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शिकायत में उठाए गए मुद्दे

डॉ. धरनेवर ने 25 फरवरी 2026 को डीसीपीओ पुणे को पत्र भेजा। उन्होंने करण औजला के गानों—अढ़िया, चित्ता कुर्ता, अल्कोहल 2, फ्यू डेज, बंदूक, गैंगस्टा और MF गबरू—का उल्लेख किया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इन गीतों में शराब, ड्रग्स और बंदूक संस्कृति को बढ़ावा दिया गया है तथा महिलाओं के प्रति असम्मानजनक संदर्भ हैं।

नाबालिगों की एंट्री पर चिंता

पत्र में कहा गया कि यदि 3 साल से ऊपर के नाबालिग बच्चों को कार्यक्रम में प्रवेश मिलता है तो ऐसे गीत उनके मानसिक विकास पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं। शिकायत में MF गबरू गाने के संबंध में पंजाब स्टेट कमीशन फॉर वुमन में लंबित मामले का भी उल्लेख किया गया। अधिकारी ने पुलिस से कार्यक्रम के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।

हाईकोर्ट के फैसले का हवाला

डॉ. धरनेवर ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के फैसले (CWP-27011/2016) का संदर्भ दिया। उस फैसले में अदालत ने शराब, ड्रग्स, हिंसा और हथियारों को बढ़ावा देने वाले गीतों पर रोक संबंधी दिशानिर्देश जारी किए थे। शिकायत के आधार पर अब पुलिस स्तर पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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