बठिंडा में नशा मुक्ति केंद्र पर बड़ी कार्रवाई: 25 लोगों को सरकारी सेंटर भेजा; सेंटर सील, अवैध संचालन की होगी जांच
बठिंडा में अवैध नशा मुक्ति केंद्र पर छापा, 25 लोग छुड़ाए
Bathinda News: बठिंडा की रामां मंडी में अवैध तरीके से संचालित किए जा रहे एक नशा मुक्ति केंद्र पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की है। पीरखाना रोड पर चल रहे इस केंद्र के संबंध में शिकायत मिलने के बाद डिप्टी कमिश्नर के आदेश पर विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई में स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन, ड्रग इंस्पेक्टर और रामां पुलिस के अधिकारी शामिल रहे। टीम ने केंद्र में मौजूद व्यवस्थाओं के साथ उसके संचालन से जुड़े दस्तावेजों और जरूरी अनुमतियों की भी जांच की।
छापेमारी के दौरान केंद्र के अंदर करीब 25 लोग मौजूद मिले। जानकारी के अनुसार ये सभी नशे की लत छोड़ने और उपचार के लिए वहां भर्ती हुए थे। जांच के बाद अधिकारियों ने इन लोगों को केंद्र से बाहर निकालने का फैसला किया। उन्हें फिलहाल बठिंडा के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया है, जहां उनके उपचार और स्वास्थ्य संबंधी जांच की व्यवस्था की गई है।
संयुक्त टीम की जांच के दौरान केंद्र के संचालन से जुड़े कई पहलुओं को देखा गया। इनमें यह भी जांच की जा रही है कि केंद्र के पास संचालन के लिए जरूरी अनुमति और संबंधित दस्तावेज मौजूद थे या नहीं। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नशा मुक्ति केंद्र को सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार केंद्र के संचालन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य व्यवस्थाओं की जांच विभागीय स्तर पर जारी है।
सरकारी केंद्र में होगी भर्ती लोगों की देखभाल
कार्रवाई के बाद केंद्र में मौजूद करीब 25 लोगों को सरकारी नशा मुक्ति केंद्र भेजना इस मामले का अहम हिस्सा है। वहां उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच और नशामुक्ति उपचार से जुड़ी आवश्यक व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन की कार्रवाई से यह भी साफ है कि निजी स्तर पर नशा मुक्ति केंद्र चलाने के लिए निर्धारित नियमों और अनुमतियों की जांच की जा रही है। हालांकि, इस केंद्र के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पीरखाना रोड पर हुई इस कार्रवाई के बाद इलाके में नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन अब यह भी देख रहा है कि केंद्र किस आधार पर संचालित किया जा रहा था और वहां भर्ती लोगों के उपचार के लिए जरूरी सुविधाएं और अनुमति उपलब्ध थीं या नहीं। फिलहाल केंद्र को सील कर दिया गया है और वहां मिले लोगों को सरकारी नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही केंद्र के दस्तावेज, संचालन की वैधता और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
