Jasmine Gill Murder: अमेरिका के कैलिफोर्निया में पंजाबी मूल की जस्मीन गिल की कथित हत्या के मामले में उनके परिवार ने भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) से मदद की गुहार लगाई है। जस्मीन की मां सुखविंदर कौर और उनके भाई पाश ने मंत्रालय से अमेरिकी अधिकारियों के साथ संपर्क कर जांच में तेजी लाने और जस्मीन के आठ महीने के बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। परिवार ने पंजाब सरकार से भी इस मामले को केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाने का अनुरोध किया है। परिजनों की मांग है कि अमेरिकी अधिकारियों से मामले की जांच जल्द पूरी करने और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करने के लिए कहा जाए। परिवार ने यह भी आशंका जताई है कि मामले में किसी संभावित साजिश के पहलू की जांच की जानी चाहिए। जस्मीन की मां सुखविंदर कौर ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि परिवार को बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंता है। परिजन चाहते हैं कि बच्चे को इस घटना से जुड़े मानसिक आघात से बचाया जाए और उसके भविष्य तथा परवरिश के लिए सुरक्षित व्यवस्था की जाए।
आठ महीने के बेटे की कस्टडी रिश्तेदारों को देने की मांग
जस्मीन के परिवार ने अमेरिका में रहने वाले अपने रिश्तेदारों के पास बच्चे की कस्टडी देने की मांग की है। परिवार का कहना है कि इस समय बच्चे की सुरक्षा और देखभाल सबसे अहम है। हालांकि, बच्चे की कस्टडी को लेकर अंतिम फैसला संबंधित अमेरिकी अधिकारियों और अदालत की कानूनी प्रक्रिया के तहत होना होगा। परिजनों ने विदेश मंत्रालय से यह भी अनुरोध किया है कि अमेरिकी प्रशासन के साथ समन्वय कर बच्चे की सुरक्षा से जुड़े मामले को प्राथमिकता दी जाए। परिवार ने जस्मीन के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए कानूनी और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है, ताकि उनका अंतिम संस्कार भारत में किया जा सके। परिवार की ओर से उठाई गई मांगों में जांच में तेजी, संभावित साजिश के पहलू की पड़ताल, बच्चे की सुरक्षित परवरिश और पार्थिव शरीर को भारत लाने की व्यवस्था शामिल है। फिलहाल इन मांगों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से किसी अंतिम निर्णय की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
30 सितंबर को आखिरी बार देखी गई थीं जस्मीन
सैक्रामेंटो में रहने वाली जस्मीन गिल पेशे से रजिस्टर्ड नर्स थीं। सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ कार्यालय के अनुसार, उन्हें आखिरी बार 30 सितंबर को उनके घर पर देखा गया था। इसके बाद 4 अक्टूबर को उनके एक रिश्तेदार ने उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के शुरुआती चरण में जस्मीन के पति गुरिंदर गिल ने दावा किया था कि इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एजेंट जस्मीन को हिरासत में लेकर गए थे। हालांकि, जांचकर्ताओं के मुताबिक, ICE ने उन्हें बताया कि उस स्थान पर एजेंसी की ओर से ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
जांच के दौरान गुरिंदर के बयानों में कथित विसंगतियां सामने आईं। अधिकारियों को यह भी पता चला कि दंपती के बीच तलाक और बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा था। इस बीच, 1 अक्टूबर को एल डोराडो काउंटी में जले हुए मानव अवशेष मिले थे। बाद में उनकी पहचान जस्मीन गिल के रूप में की गई। मामले की जांच कर रही होमिसाइड टीम ने 14 अक्टूबर को गुरिंदर गिल को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। शेरिफ कार्यालय के मुताबिक, उसे सैक्रामेंटो काउंटी मेन जेल में रखा गया है और उसे जमानत नहीं दी जा सकती। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अमेरिकी अधिकारियों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।
परिवार को जांच और बच्चे के भविष्य को लेकर चिंता
जस्मीन की मौत के बाद उनका परिवार एक ओर हत्या के मामले में जल्द न्याय चाहता है, वहीं दूसरी ओर आठ महीने के बच्चे की सुरक्षा और परवरिश को लेकर भी चिंतित है। परिवार ने भारतीय अधिकारियों से अमेरिकी प्रशासन के साथ संपर्क स्थापित कर मामले में मदद करने का आग्रह किया है। परिजनों की मांग है कि जांच में किसी भी संभावित साजिश समेत सभी संबंधित पहलुओं को शामिल किया जाए। साथ ही, जस्मीन के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया में आने वाली कानूनी और आर्थिक मुश्किलों को दूर करने के लिए सहायता दी जाए। फिलहाल हत्या के मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। बच्चे की कस्टडी, परिवार की मांगों और पार्थिव शरीर को भारत लाने के संबंध में आगे की स्थिति संबंधित अधिकारियों के फैसलों पर निर्भर करेगी।
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