Bhiwani Board News: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (Bhiwani Board News Hindi) एक बार फिर गंभीर प्रशासनिक विवादों के घेरे में आ गया है। बोर्ड परिसर में हाल ही में ग्रुप-डी से लिपिक (क्लर्क) पद पर हुई पदोन्नति की प्रक्रिया में कथित तौर पर रिश्वत लिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण का खुलासा तब हुआ जब बोर्ड के कुछ कर्मचारियों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो गई। इस वायरल चैटिंग के सामने आते ही शिक्षा बोर्ड के गलियारों में हड़कंप मच गया है और कर्मचारी संगठनों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
प्रति कर्मचारी दो-दो हजार रुपये वसूलने का आरोप
वायरल हो रही व्हाट्सएप चैट पांच अक्टूबर की बताई जा रही है, जिसमें बोर्ड के भीतर सक्रिय कुछ खास लोगों के बीच लेन-देन को लेकर बातचीत का हवाला दिया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हाल ही में ग्रुप-डी से क्लर्क के पद पर प्रमोट हुए 12 कर्मचारियों से प्रति व्यक्ति दो हजार रुपये के हिसाब से कुल 24 हजार रुपये वसूले गए। (Haryana Board Group D Promotion) इस वायरल चैट में अश्वनी, बोस, विक्रम, सोनू और देवेंद्र सहित कुछ अन्य कर्मचारियों और व्यक्तियों के नाम भी चर्चा में आ रहे हैं, हालांकि इन आरोपों और चैटिंग की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
अधिकारी के पीयन और एलआईसी एजेंट कनेक्शन की चर्चा
मामले में यह भी सुगबुगाहट है कि पदोन्नति पाने वाले सभी कर्मचारियों ने कथित तौर पर एक वरिष्ठ अधिकारी के पीयन (चपरासी) के हाथों यह रकम पहुंचाई थी। इसके अलावा, बोर्ड के भीतर इस बात की भी चर्चा है कि संबंधित अधिकारी की पत्नी एलआईसी एजेंट हैं और हाल ही में इन कर्मचारियों के बीमा भी करवाए गए थे। अब यह जांच का मुख्य बिंदु बन गया है कि क्या बीमा कराने के इस सिलसिले का पदोन्नति और कथित पैसों के लेन-देन से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
चेयरमैन बोले- ‘दूध का दूध और पानी का पानी होगा’
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने कड़ा रुख अपनाया है। चेयरमैन ने मीडिया को बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में एक दिन पहले ही आया था, जिसके बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से बोर्ड सचिव को इसकी उच्चस्तरीय जांच सौंप दी है। (Shankar Lal Dhupad News) चेयरमैन ने दोटूक शब्दों में कहा कि जांच के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बोर्ड प्रशासन अब वायरल चैट, कथित लेन-देन और संबंधित पक्षों के बयानों को आधार बनाकर अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रहा है।
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