Bihar train thief viral video: बिहार के शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ के न्याय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में एक यात्री का मोबाइल छीनकर भागने की कोशिश कर रहे शातिर चोर को यात्रियों ने खिड़की के रास्ते पकड़ लिया। इसके बाद जो हुआ, उसे देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे। ट्रेन चलने लगी और यात्री उस चोर का हाथ पकड़े रहे, जिससे वह हवा में लटकता रहा। आखिरकार गुस्साए यात्रियों ने उसे चलती ट्रेन से नीचे प्लेटफॉर्म पर फेंक दिया।
वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि ट्रेन जैसे ही स्टेशन से आगे बढ़ने लगी, हवा में लटके चोर की सांसें अटक गईं। वह बार-बार यात्रियों से छोड़ देने और बख्श देने की भीख मांगता रहा। लेकिन आक्रोशित यात्रियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वीडियो में लोग यह कहते सुने जा रहे हैं कि ‘आज तो तू बुरी तरह फंस गया है’।
Shocking: At Shivnarayanpur Railway Station, a thief tried to snatch a mobile phone from a moving train and run away, but he was caught and held through the window https://t.co/Eii1vALd4u
— Ramesh Speaks (@rameshofficial0) October 12, 2026
प्लेटफॉर्म पर गिरते ही बची जान, अनहोनी से बाल-बाल बचा चोर
मामला तब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया जब ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली। रफ्तार पकड़ते ही यात्रियों ने चोर का हाथ छोड़ दिया, जिससे वह सीधे प्लेटफॉर्म पर जा गिरा। गनीमत यह रही कि वह गिरते समय ट्रेन की पटरियों या पहियों के नीचे नहीं आया, वरना मौके पर ही उसकी जान जा सकती थी। इस पूरे घटनाक्रम को किसी राहगीर ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर इसे करीब 10 लाख बार देखा जा चुका है।
वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स दो गुटों में बंट गए हैं। हालांकि कई लोग चोरों के बढ़ते हौसलों पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं, लेकिन एक बड़ा वर्ग यात्रियों के इस खौफनाक कदम की कड़े शब्दों में निंदा कर रहा है। लोगों का मानना है कि मोबाइल चोरी जैसे अपराध के बदले किसी इंसान को चलती ट्रेन से फेंक देना सीधे तौर पर हत्या के प्रयास जैसा है।
कानून हाथ में लेने पर उठे सवाल, पुलिस जांच की मांग
इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि आम जनता का इस तरह कानून अपने हाथ में लेना कितना जायज है? सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि यात्रियों को अगर गुस्सा था, तो वे ट्रेन की इमरजेंसी चेन खींचकर गाड़ी रोक सकते थे और आरोपी को राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) या आरपीएफ (RPF) के हवाले कर सकते थे।
कानूनी जानकारों और प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि मोबाइल तो दोबारा खरीदा जा सकता है, लेकिन किसी की जान चले जाने पर उसे वापस नहीं लाया जा सकता। फिलहाल इस मामले में रेलवे पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है कि क्या वीडियो के आधार पर यात्रियों और चोर दोनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी या नहीं।
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