Chandigarh Employees Salary: चंडीगढ़ में दिवाली पर जहां घरों में खुशियां और रौनक रही, वहीं सेक्टर-42 स्थित गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स (GCG-42) के कर्मचारियों के लिए त्योहार आर्थिक परेशानी लेकर आया। करीब दो महीने से वेतन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को दिवाली पर भी सैलरी नहीं मिली। लगातार हो रही देरी से नाराज कर्मचारियों ने सोमवार को काम छोड़कर विरोध जताया और प्रशासन तथा उच्च शिक्षा विभाग से लंबित वेतन जल्द जारी करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि वे रोजाना अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा। दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर भी खाते में पैसा नहीं आने से उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। अब उनके सामने घर का खर्च चलाने के साथ बच्चों की स्कूल फीस जमा करवाने का संकट भी खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों के मुताबिक, वेतन में लगातार देरी का सीधा असर उनके परिवारों पर पड़ रहा है। स्कूलों की ओर से बच्चों की फीस जमा करवाने के लिए लगातार संदेश भेजे जा रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन नहीं पहुंचा है। उनका कहना है कि दिवाली पर परिवार के लिए खरीदारी करना और त्योहार की तैयारियां करना तो दूर, रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि त्योहार से पहले लंबित वेतन मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई।
प्रिंसिपल से मिलने का समय नहीं मिलने पर बढ़ा रोष
कर्मचारियों ने अपनी परेशानी प्रिंसिपल के सामने रखने के लिए मुलाकात का समय मांगा था। वे वेतन में देरी और उससे परिवारों पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को लेकर तत्काल बातचीत करना चाहते थे। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रिंसिपल ने उसी समय मिलने के बजाय उन्हें दोपहर बाद आने के लिए कहा। इससे पहले से नाराज कर्मचारियों का गुस्सा और बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने काम छोड़कर विरोध जताया और अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाई।
दूसरी ओर, कॉलेज के सुपरिंटेंडेंट ने कर्मचारियों को बताया कि डायरेक्टर हायर एजुकेशन (DHE) की ओर से लिखित रूप में जानकारी दी गई है कि कर्मचारियों का वेतन जारी करने के संबंध में फिलहाल कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में वेतन भुगतान का मामला उच्च अधिकारियों के स्तर पर लंबित बताया जा रहा है। इस जानकारी के बाद कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि जब उनसे नियमित रूप से काम लिया जा रहा है तो उनका वेतन जारी करने में इतनी देरी क्यों हो रही है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की आर्थिक जरूरतों और परिवारों की परेशानियों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
कर्मचारियों ने प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग से मांग की है कि उनका बकाया वेतन जल्द जारी किया जाए। उनका कहना है कि वेतन नहीं मिलने से बच्चों की स्कूल फीस, घर का किराया, राशन और दूसरे जरूरी खर्चों का प्रबंधन करना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो विरोध जारी रहेगा। अब सभी की नजरें उच्च शिक्षा विभाग और प्रशासन के अगले फैसले पर हैं, क्योंकि वेतन भुगतान में देरी का असर सीधे कर्मचारियों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है।

