Chandigarh Chhath Puja: चंडीगढ़ में रहने वाले पूर्वांचल और मिथिलांचल समाज के लोगों के लिए छठ महापर्व पर इस बार पूजा की व्यवस्था पहले से ज्यादा सुविधाजनक होने जा रही है। नगर निगम ने शहर की कॉलोनियों और गांवों में छठ पूजा के आयोजन के लिए 50 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इसके तहत करीब 15 से 20 स्थानों पर पूजा के इंतजाम किए जाएंगे, ताकि व्रत रखने वाली महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य श्रद्धालुओं को सूर्यदेव को अर्घ्य देने के लिए दूर-दराज के घाटों तक न जाना पड़े।
इसी फैसले को लेकर सोमवार को पूर्वांचल और मिथिलांचल समाज के कई प्रतिनिधि नगर निगम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मेयर सौरभ जोशी का आभार जताया। मिथिलांचल छठ पूजा समिति ने उन्हें ‘मिथिलांचल सम्मान’ से नवाजकर सम्मानित किया। समाज के प्रतिनिधियों ने बजट बढ़ाने के फैसले को छठ महापर्व के प्रति उनकी आस्था और भावनाओं के सम्मान के रूप में देखा।
35.27 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया बजट
छठ पूजा के आयोजन के लिए पहले नगर निगम के सामने 35.27 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित था। समिति के प्रतिनिधियों के अनुसार, मेयर सौरभ जोशी ने इस राशि को बढ़ाकर 50 लाख रुपये करवाने और वित्त एवं अनुबंध समिति (एफएंडसीसी) से मंजूरी दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इससे पूजा स्थलों पर जरूरी व्यवस्थाएं करने के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध होगी। समाज के लोगों का कहना है कि चंडीगढ़ में पूर्वांचल और मिथिलांचल समाज की बड़ी आबादी रहती है। ऐसे में अलग-अलग इलाकों में छठ पूजा के इंतजाम होने से हजारों श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा।
नगर निगम की ओर से छठ पूजा के लिए प्रस्तावित स्थानों में मलोया, धनास, मौलीजागरां, रामदरबार, हल्लोमाजरा, बहलाना, बुड़ैल, कजहेड़ी, इंदिरा कॉलोनी मनीमाजरा, कच्ची कॉलोनी धनास, दड़वा और खुड्डा लाहौरा सहित अन्य इलाके शामिल हैं। अभी तक कई श्रद्धालुओं को छठ पूजा के लिए अपने घरों से काफी दूर जाना पड़ता था। खासकर व्रत रखने वाली महिलाओं और बुजुर्गों को पूजा सामग्री लेकर घाट तक पहुंचने और वापस लौटने में परेशानी होती थी। स्थानीय स्तर पर पूजा स्थलों की व्यवस्था होने से उन्हें आवाजाही की इस परेशानी से राहत मिलेगी।
मेयर बोले- माताओं-बहनों की आस्था का सम्मान करना जिम्मेदारी
मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि छठ महापर्व केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि माताओं-बहनों की अटूट आस्था, कठिन तपस्या और समर्पण का प्रतीक है। उनकी कोशिश है कि किसी भी व्रती महिला या बुजुर्ग को छठी मैया की पूजा और सूर्यदेव को अर्घ्य देने के लिए घर से दूर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में रहने वाला हर समाज उनका अपना परिवार है और उसकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना उनका कर्तव्य है। शहर की पहचान सिर्फ खूबसूरती और आधुनिकता से नहीं, बल्कि यहां रहने वाले विभिन्न समाजों की संस्कृति और परंपराओं के सम्मान से भी बनती है। मेयर ने भरोसा दिलाया कि नगर निगम की ओर से चिन्हित पूजा स्थलों पर साफ-सफाई, रोशनी, सुरक्षा और अन्य जरूरी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इससे पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
मिथिलांचल छठ पूजा समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि पूर्वांचल समाज वर्षों से चंडीगढ़ के विकास, निर्माण, व्यापार और सामाजिक जीवन में योगदान दे रहा है। छठ महापर्व के आयोजन के लिए बजट बढ़ाने का फैसला समाज की लंबे समय से चली आ रही अपेक्षाओं को पूरा करने वाला है। कार्यक्रम के अंत में सैकड़ों लोगों ने मेयर सौरभ जोशी का अभिनंदन किया। इस दौरान लोगों ने छठी मैया के जयकारे लगाकर अपनी खुशी जाहिर की। समाज के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि नगर निगम की ओर से तय किए गए सभी पूजा स्थलों पर समय रहते जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाएंगी।
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