Chandigarh Heroin Smuggling: चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से कुल 1 किलो 11 ग्राम हेरोइन यानी चिट्टा बरामद हुआ है। इसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपए बताई गई है। इसके अलावा एक देसी पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस भी मिले हैं। पुलिस जांच के अनुसार, इस नेटवर्क का कथित मुख्य हैंडलर हरदीप सिंह उर्फ दीप है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस का दावा है कि नेटवर्क से जुड़े आरोपी पंजाब से लेकर चंडीगढ़ तक हेरोइन की सप्लाई कर रहे थे।
ऑपरेशन सेल को इस नेटवर्क को लेकर गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों की अगुवाई में टीम ने अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई की। गुरलाल सिंह उर्फ लाल को हरियाणा के करनाल से पकड़ा गया। गुरसाब उर्फ साबा और अर्शदीप सिंह को मोगा के धर्मकोट के पास से गिरफ्तार किया गया, जबकि जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी को चंडीगढ़ के मलोया इलाके से पकड़ा गया। यह कार्रवाई चंडीगढ़ पुलिस के डीआईजी राजीव रंजन की निगरानी में की गई। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और ड्रग सप्लाई की पूरी चेन के बारे में जानकारी जुटा रही है।
गुरलाल हर महीने 5-6 किलो हेरोइन चंडीगढ़ लाता था
पुलिस जांच में गुरलाल सिंह उर्फ लाल की भूमिका अहम बताई जा रही है। करनाल के निसिंग निवासी 36 वर्षीय गुरलाल से 514 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह करीब 8 साल से ड्रग तस्करी से जुड़ा हुआ था और पिछले करीब 3 साल से चंडीगढ़ में हेरोइन की सप्लाई कर रहा था। पुलिस का दावा है कि गुरलाल हर महीने करीब 5 से 6 किलो हेरोइन चंडीगढ़ में सप्लाई करता था। वह शहर के मलोया और सेक्टर-56 इलाके में ड्रग पहुंचाता था। उसके खिलाफ पंजाब में अलग-अलग जगहों पर NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में अर्शदीप सिंह भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, 24 वर्षीय अर्शदीप के कब्जे से 156 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। वह मोगा के धर्मकोट क्षेत्र के गांव शेरपुरी ताइबन का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ 2024 में मोरिंडा थाने में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था।
अर्शदीप के पिता पंजाब पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अर्शदीप इस नेटवर्क के संपर्क में कैसे आया और ड्रग सप्लाई में उसकी भूमिका क्या थी। उसके पिता के पुलिस विभाग में होने को लेकर भी जांच एजेंसी आरोपी की पृष्ठभूमि और नेटवर्क से उसके जुड़ाव की जानकारी जुटा रही है। पुलिस के मुताबिक, गुरसाब सिंह उर्फ साबा मुख्य आरोपी हरदीप सिंह उर्फ दीप का करीबी सहयोगी यानी उसका ‘राइट हैंड’ था। 24 वर्षीय गुरसाब से 57 ग्राम हेरोइन के साथ एक देसी पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। उसके खिलाफ भी मोरिंडा थाने में NDPS एक्ट का मामला दर्ज है। वहीं बरनाला निवासी 30 वर्षीय जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी से 284 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है। वह टैक्सी ड्राइवर है। पुलिस के मुताबिक, अब तक उसके खिलाफ कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
पाकिस्तान बॉर्डर से पंजाब तक ड्रग सप्लाई का शक
पुलिस की जांच अब इस नेटवर्क के पीछे मौजूद सप्लाई चेन तक पहुंचने पर केंद्रित है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पाकिस्तान से लगते पंजाब बॉर्डर के रास्ते हेरोइन मंगवाकर पंजाब और आगे चंडीगढ़ में इसकी सप्लाई कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि कथित मुख्य हैंडलर हरदीप सिंह उर्फ दीप पाकिस्तान बॉर्डर के रास्ते हर महीने करीब 22 किलो हेरोइन पंजाब मंगवाता था। इसके बाद नेटवर्क से जुड़े लोग इसे अलग-अलग इलाकों में पहुंचाते थे।
पुलिस को आशंका है कि सीमा पार से हेरोइन पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल भी किया गया हो सकता है। इसी एंगल से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। यदि जांच में ड्रोन के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो पुलिस को इस नेटवर्क के सीमा पार कनेक्शन के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। फिलहाल पुलिस फरार बताए जा रहे हरदीप सिंह उर्फ दीप की तलाश कर रही है। उसके पकड़े जाने के बाद नेटवर्क में ड्रग की खरीद, सीमा पार से सप्लाई, पंजाब में स्टोरेज और चंडीगढ़ तक डिलीवरी से जुड़े कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। पुलिस की कार्रवाई में बरामद 1.11 किलो हेरोइन और हथियारों से यह भी स्पष्ट होता है कि जांच सिर्फ स्थानीय स्तर की ड्रग सप्लाई तक सीमित नहीं है। ऑपरेशन सेल अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों, सप्लायरों और खरीदारों की जानकारी भी जुटा रहा है।

