Chandigarh News: शहर की तीन बड़ी और दशकों पुरानी समस्याओं के समाधान की उम्मीद एक बार फिर जगी है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को चंडीगढ़ दौरे के दौरान शहरवासियों को दिवाली से पहले तीन बड़े तोहफे देने के संकेत दिए। उन्होंने साफ कहा कि प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने उनके सामने चंडीगढ़ से जुड़े कुछ ऐसे मुद्दे रखे हैं, जिनका समाधान लंबे समय से शहरवासी चाहते हैं। इन तीनों मामलों पर एक सप्ताह बाद प्रशासक विशेष कार्यक्रम में घोषणा करेंगे।
सेक्टर-17 के तिरंगा पार्क में 258 करोड़ रुपये की नौ विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह में अमित शाह के इस बयान ने शहर की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। शाह ने मंच से प्रशासक कटारिया की तारीफ करते हुए कहा कि वह चंडीगढ़ के मुद्दों को लेकर लगातार उनके पीछे पड़े रहते हैं। उनके इस बयान से साफ है कि शहर के लंबित मामलों को लेकर केंद्र सरकार के स्तर पर बातचीत निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है।
शहरवासियों को अब सबसे ज्यादा इंतजार इस बात का है कि आखिर वे कौन सी तीन समस्याएं हैं, जिनके समाधान की घोषणा होने वाली है। प्रशासक की ओर से केंद्र के समक्ष प्रमुखता से उठाए जा रहे मुद्दों में पुनर्वास कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक देने, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी को लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड करने तथा मेयर का कार्यकाल एक साल से बढ़ाकर ढाई साल करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 में संशोधन का मुद्दा भी लंबे समय से लंबित है। ऐसे में इन चार प्रमुख मांगों में से किन तीन को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलती है, इस पर शहरवासियों की नजरें रहेंगी। खासकर पुनर्वास कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों और कमर्शियल-इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी मालिकों को बड़ी राहत की उम्मीद है।
गौरतलब है कि 28 सितंबर को प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ पुलिस स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देने के लिए दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने चंडीगढ़ के विकास और शहरवासियों से जुड़े वर्षों से लंबित मुद्दों को विस्तार से उनके सामने रखा था। अब अमित शाह ने सार्वजनिक मंच से इन समस्याओं के समाधान का भरोसा देकर उम्मीदें बढ़ा दी हैं। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, यूटी के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, मेयर सौरभ जोशी, पंजाब से राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि चंडीगढ़ में शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, प्रशासन, अनुसंधान और नवाचार से जुड़े 258 करोड़ रूपए के कामों का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। 2029 से पहले चंडीगढ़ पुलिस आवासीय संतुष्टि दर के मामले में देश में प्रथम स्थान पर होगी। शाह ने कहा कि 15 साल से विपक्ष चुनाव हार रहा है और अब उन्होंने नया तरीका ढूंढा है, मॉक पार्लियामेंट करने का। झूठ बोलना, अराजकता फैलाना, नकारात्मकता फैलाना, संसद चलने न देना, संसद के मसलों को सड़क पर लाकर हो-हल्ला करना, अगर यही उनकी फितरत रही है, तो अगले 5 साल फिर एक बार उन्हें विपक्ष में बैठना होगा। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति कर रहा है। धारा 370, नक्सलवाद और ट्रिपल तलाक समाप्त हो चुके हैं। अब केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब सहित पूरे देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मोदी सरकार का चंडीगढ़वासियों से वादा, बनेगा नंबर-1 प्रशासनिक शहर
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार चंडीगढ़ के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। चंडीगढ़ की स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में नगरीय नियोजन के क्षेत्र में चंडीगढ़ की अपनी अलग पहचान है। पूरे उत्तर भारत में चंडीगढ़ की स्वीकार्यता एक विशेष स्थान रखती है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चंडीगढ़ को देश की नंबर-1 प्रशासनिक इकाई बनाने का काम किया जाएगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चंडीगढ़वासियों से वादा है।
रायपुर कलां में बनेगा देश का नंबर-1 बस डिपो
रायपुर कलां में 68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा सीटीयू का अंतरराज्यीय बस डिपो देश के लिए मिसाल बनने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परियोजना की डिजाइन की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि यह देश का नंबर-1 अंतरराज्यीय बस डिपो बनेगा। अमित शाह ने अपने संबोधन में चंडीगढ़ की दो प्रमुख विकास परियोजनाओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दूसरी परियोजना के तहत धनास स्थित चंडीगढ़ सशस्त्र पुलिस परिसर में 84 करोड़ रुपये की लागत से पुलिसकर्मियों के लिए 192 टाइप-III आवास बनाए जा रहे हैं। गृह मंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उनका लक्ष्य है कि वर्ष 2029 से पहले चंडीगढ़ पुलिस आवासीय संतुष्टि दर के मामले में देश में पहले स्थान पर पहुंचे।
इन सात परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास
- धनास स्थित चंडीगढ़ सशस्त्र पुलिस परिसर में 192 टाइप-III आवासों का निर्माण – 84 करोड़ रुपये।
- पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी को जोड़ने वाला पैदल यात्री अंडरपास – 12 करोड़ रुपये।
- चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, सेक्टर-26 में गर्ल्स होस्टल – 25 करोड़ रुपये।
- सेक्टर-46 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज में जिम्नेजियम हॉल – 11 करोड़ रुपये।
- सेक्टर-7 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का अपग्रेडेशन – 20 करोड़ रुपये।
- सेक्टर-49 में नए पुलिस थाने का निर्माण – 21 करोड़ रुपये।
- शहर के एंट्री एवं सीमावर्ती स्थानों पर 15 स्थायी सुरक्षा जांच चौकियां – 5 करोड़ रुपये।
इन दो परियोजनाओं का हुआ उद्घाटन
सारंगपुर स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल का उद्घाटन – लगभग 12 करोड़ रुपये। इससे क्षेत्र में सरकारी स्कूली शिक्षा की सुविधाओं का विस्तार होगा।
रायपुर कलां स्थित चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के डिपो-सह-कार्यशाला का उद्घाटन – लगभग 68 करोड़ रुपये। इससे बसों के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था मजबूत होगी।

