Punjab Weather: चंडीगढ़, पंजाब के मैदानी जिलों से लेकर हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे इलाकों तक नवंबर की शुरुआत के साथ मौसम का मिजाज बदलने लगा है। पंजाब और चंडीगढ़ में 2 से 7 नवंबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है और इस दौरान बारिश की संभावना नहीं है। दिन में तेज या खुली धूप निकलने से हल्की गर्माहट बनी रहेगी, लेकिन रात के तापमान में गिरावट के साथ सुबह और देर रात ठंड का असर बढ़ेगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सूखी हवाएं चल रही हैं। इसका सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर दिखने लगा है। सुबह और शाम हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो सकती है, जबकि दोपहर के समय मौसम अपेक्षाकृत गर्म बना रहेगा। पंजाब के कई शहरों में दिन और रात के तापमान के बीच अंतर आने वाले दिनों में और साफ महसूस हो सकता है।
राज्य के अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। पंजाब में बठिंडा सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे पंजाब के जिलों में मौसम में ठंडक ज्यादा महसूस होने लगी है। होशियारपुर और पठानकोट में अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि गुरदासपुर में यह 28.5 और अमृतसर में 28.6 डिग्री सेल्सियस रहा। रूपनगर में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि नवांशहर में यह 29.1 डिग्री रहा। इन जिलों में अन्य मैदानी इलाकों के मुकाबले तापमान कम रहने से सुबह और शाम ठंड का असर तेजी से महसूस होने लगा है। मैदानी जिलों में स्थिति कुछ अलग है। वहां दिन के समय धूप निकलने से तापमान अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है। ऐसे में लोगों को सुबह और रात ठंडक, जबकि दोपहर में हल्की गर्मी का अनुभव हो रहा है।
अक्टूबर से शुरू हुई ठंड, नवंबर में और गिरेगा रात का तापमान
मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, इस बार अक्टूबर से ही हल्की ठंड शुरू हो गई थी। नवंबर में पंजाब और चंडीगढ़ के मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जबकि दिन का तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है। हालांकि नवंबर महीने में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान भी जताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मौसम में हो रहे इन बदलावों के पीछे अलनीनो सहित विभिन्न मौसमी परिस्थितियां जिम्मेदार हो सकती हैं। आने वाले दिनों में रात और दिन के मौसम में अंतर बढ़ने से लोगों को स्वास्थ्य के लिहाज से भी सावधानी बरतनी होगी, खासकर सुबह और देर रात घर से निकलने वालों को।
पंजाब सहित उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में मौसम साफ होने लगा है। मौसम प्रणाली में बदलाव के साथ हवाओं का रुख भी बदला है, जिससे पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क बना हुआ है। आने वाले दिनों में उत्तरी हवाएं चलने से रात के तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है। वहीं दिन में धूप निकलने के कारण तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होने की संभावना बनी रहेगी। चक्रवात मुरासु का असर मुख्य रूप से दक्षिण और पूर्वी भारत के तटीय राज्यों आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में रहने की संभावना है। पंजाब और चंडीगढ़ में इसका सीधा असर पड़ने की आशंका नहीं है, इसलिए फिलहाल क्षेत्र में बारिश या बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
मौसम में बढ़ती ठंडक के बीच पंजाब और चंडीगढ़ में स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है। पंजाब में स्कूल सुबह 9 बजे से शुरू होंगे। वहीं, चंडीगढ़ के स्कूलों की टाइमिंग सुबह 8:20 बजे से दोपहर 2:20 बजे तक रहेगी। नए आदेश फरवरी तक लागू रहेंगे। मौसम के बदलते मिजाज और स्कूल समय में बदलाव का असर सीधे बच्चों और अभिभावकों की दिनचर्या पर पड़ेगा। सुबह की ठंड बढ़ने के साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को राहत मिल सकती है, जबकि दोपहर में धूप के कारण मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है।
Click Here👉 पंजाब में गुलाबी ठंड की दस्तक, बठिंडा 32.2°C के साथ सबसे गर्म, जानिए अपने शहर का तापमान

