Sirsa Roadways Strike: हरियाणा के सिरसा जिले में सोमवार सुबह से आम यात्रियों और विद्यार्थियों की दुश्वारियां बढ़ना तय है। बकाया भुगतानों को लेकर भड़के रोडवेज कर्मचारियों ने रविवार शाम से ही मोर्चा खोल दिया है। सांझा मोर्चा के बैनर तले कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं और बस स्टैंड परिसर में धरना शुरू कर दिया है। इस फैसले के बाद जिले भर में 100 से ज्यादा सरकारी बसों के पहिए पूरी तरह थम गए हैं।
दिल्ली, चंडीगढ़ और लोकल रूट ठप: यात्रियों और छात्रों की बढ़ेगी परेशानी
हड़ताल का सीधा असर लंबी दूरी और लोकल रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। सिरसा से दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम, पोकरण और हनुमानगढ़ जाने वाली तमाम बस सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों से शहर आने-जाने वाली लोकल बसें और सुबह स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के लिए चलने वाले रूट भी ठप रहेंगे। बसें बंद होने से प्राइवेट चालकों की मनमानी बढ़ने की आशंका है, जिससे आम जनता को भारी जेब ढीली करनी पड़ सकती है।
जीएम के साथ वार्ता बेनतीजा: 2 दिसंबर तक के समय को कर्मचारियों ने नकारा
हड़ताल पर जाने से पहले सांझा मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल और रोडवेज महाप्रबंधक (जीएम) आमने-सामने बैठे थे। कर्मचारियों ने ओवरटाइम, नाइट ड्यूटी, एलटीसी और अटका हुआ मेडिकल बिल जारी करने की मांग रखी। जीएम ने 2 दिसंबर तक सभी बकाया राशि खातों में डालने के लिए समय मांगा, लेकिन कर्मचारी इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। सांझा मोर्चा के नेता चिमन लाल स्वामी ने साफ कहा कि सितंबर से लगातार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए अब बिना लिखित भुगतान के आंदोलन वापस नहीं होगा।
हिसार से भड़की आंदोलन की चिंगारी: रोहतक और फतेहाबाद तक फैला असंतोष
दरअसल बकाया पैसों की यह जंग सिर्फ सिरसा तक सीमित नहीं है। इससे पहले हिसार डिपो के कर्मचारी भी इन्हीं मांगों को लेकर करीब 38 दिनों तक धरने पर बैठे रहे थे। हिसार में कई कर्मचारियों का 90 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक का ओवरटाइम बकाया हो चुका था। हिसार आंदोलन के बाद रोहतक, फतेहाबाद और अब सिरसा डिपो के कर्मचारियों ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस हड़ताल को किलोमीटर स्कीम की बसों और एचकेआरएन (HKRN) के तहत लगे कर्मचारियों का भी पूरा समर्थन मिला है।

