Chandigarh News: चंडीगढ़ प्रशासन के उच्च शिक्षा विभाग में प्रशासनिक मंजूरी लंबित रहने के कारण सरकारी कॉलेजों में कार्यरत 174 आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारियों ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। कर्मचारियों ने अपने पत्र में बताया कि पिछले करीब आठ महीनों से सरकारी कॉलेज प्रशासन लगातार उच्च शिक्षा विभाग को प्रशासनिक मंजूरी जारी करने के लिए पत्र भेज रहा है, लेकिन अब तक फाइल को मंजूरी नहीं मिल सकी है। इसके चलते पीएलए फंड के तहत कार्यरत कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं हो पाया है।
कर्मचारियों के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान की दो व्यवस्थाएं हैं। वेजेज हेड के तहत कार्यरत लगभग 430 कर्मचारियों की प्रशासनिक मंजूरी पहले ही जारी की जा चुकी है और उन्हें नियमित वेतन मिल रहा है। जबकि पीएलए फंड के तहत कार्यरत 174 कर्मचारियों की प्रशासनिक अनुमति अब तक लंबित है, जिसके कारण इन कर्मचारियों का लगातार तीन महीने का वेतन अटका हुआ है। पत्र में कहा गया है कि समय पर वेतन मिलना प्रत्येक कर्मचारी का वैधानिक और संवैधानिक अधिकार है। लगातार तीन महीने तक वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की स्कूल फीस, मकान का किराया, बैंक ऋण की किस्तें और दैनिक जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया है।
कई कर्मचारी आर्थिक तंगी के कारण उधार लेकर घर का खर्च चलाने को मजबूर हैं। कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री से आग्रह किया है कि वे चंडीगढ़ प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग को तत्काल निर्देश जारी कर पीएलए फंड के अंतर्गत लंबित प्रशासनिक मंजूरी शीघ्र जारी करवाएं, ताकि प्रभावित कर्मचारियों का तीन महीने का बकाया वेतन तुरंत जारी हो सके। इस संबंध में भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक, मुख्य सचिव, वित्त सचिव, शिक्षा सचिव और उच्च शिक्षा निदेशक को भी भेजी गई है। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि शीर्ष स्तर पर हस्तक्षेप के बाद उनकी समस्या का शीघ्र समाधान होगा और लंबे समय से लंबित वेतन का भुगतान जल्द किया जाएगा।

