Diwali Skincare Tips: दिवाली की आतिशबाजी और रोशनी के बीच राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में हवा का मिज़ाज हर साल चिंता का सबब बन जाता है। पटाखों का जहरीला धुआं और स्मॉग न केवल फेफड़ों पर भारी पड़ता है, बल्कि चेहरे की रंगत और त्वचा की सेहत को भी सबसे पहले निशाना बनाता है।
अक्सर देखा जाता है कि लोग त्योहार बीत जाने के बाद स्किन डिटॉक्स या क्लीनअप के लिए पार्लर का रुख करते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि नुकसान हो जाने के बाद संभालने से कहीं ज्यादा समझदारी इसमें है कि त्वचा को वक्त रहते एक मजबूत सुरक्षा कवच दे दिया जाए। दीपावली की इस चार-दिन की भागदौड़ और जहरीले प्रदूषण के बीच अगर कुछ बुनियादी बातों का ख्याल रखा जाए, तो स्किन को बेदाग और सुरक्षित रखा जा सकता है।
1. अंदरूनी और बाहरी हाइड्रेशन से करें शुरुआत
त्योहार की तैयारियों और मेहमानवाजी के चक्कर में अक्सर दिनभर पानी पीने का रूटीन बिगड़ जाता है। इस मौसम में वैसे ही हवा से नमी गायब होने लगती है, ऐसे में पानी की कमी स्किन को तुरंत रूखा बना देती है।
खानपान: दिन भर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। नारियल पानी और ताजे फलों के जूस को अपनी डाइट में जगह दें, जबकि अत्यधिक चीनी और पैक्ड फूड से दूरी बनाएं।
मॉइश्चराइजेशन: अपनी त्वचा की प्रकृति के अनुसार हाइल्यूरोनिक एसिड या सेरामाइड्स से भरपूर मॉइश्चराइजर चुनें, ताकि स्किन के अंदर नमी लॉक रहे।
2. त्योहार से ठीक पहले कड़े केमिकल ट्रीटमेंट से तौबा
दीपावली पर तुरंत चमक पाने की चाहत में लोग कई बार केमिकल पील या हार्श एक्सफोलिएशन करवा बैठते हैं।जहरीले प्रदूषण के संपर्क में आने से ठीक पहले त्वचा को इस तरह रगड़ना या छीलना उसके नेचुरल बैरियर को कमजोर कर देता है।इससे चेहरे पर जलन, रेडनेस और दाने निकलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इन दिनों सिर्फ जेंटल क्लींजर और माइल्ड प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें।
3. सनस्क्रीन को न करें नजरअंदाज
आसमान में बादल हों या सूरज की तपिश कम महसूस हो, घर से बाहर निकलते वक्त सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें।धूप की यूवी किरणें जब हवा में तैर रहे प्रदूषण के कणों (Toxins) के साथ मिलती हैं, तो त्वचा पर पिगमेंटेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस तेजी से बढ़ता है।कम से कम SPF 30 या उससे ऊपर का ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन चेहरे पर प्रदूषण के खिलाफ एक सुरक्षा परत का काम करता है।
4. पटाखों के धुएं से सीधे संपर्क को रोकें
जब बच्चे या आस-पास लोग पटाखे जला रहे हों, तो उस जहरीले धुएं के सीधे संपर्क में आने से बचें।घर से बाहर निकलते वक्त सूती स्कार्फ या दुपट्टे से अपने चेहरे को अच्छी तरह कवर करें।सांस और चेहरे की नाज़ुक त्वचा को कार्बन और सल्फर के कणों से बचाने के लिए मास्क का इस्तेमाल करना भी बेहद फायदेमंद साबित होता है।
5. भारी मेकअप से तौबा, चुनें लाइट और नॉन-कॉमेडोजेनिक विकल्प
त्योहारों पर सजना-संवरना लाजिमी है, लेकिन फाउंडेशन और कंसीलर की मोटी तहें प्रदूषण के इस मौसम में स्किन के लिए आफत बन सकती हैं।धूल और धुएं के सूक्ष्म कण भारी मेकअप के साथ चिपककर रोमछिद्रों (Pores) को पूरी तरह बंद कर देते हैं, जिससे कील-मुंहासे और एलर्जी की शिकायत घर कर जाती है। यदि मेकअप करना जरूरी हो ही, तो हमेशा नॉन-कॉमेडोजेनिक (Non-comedogenic) और लाइटवेट प्रोडक्ट्स चुनें ताकि त्वचा सांस ले सके।


