Yogi Government DA Hike: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को दीपावली पर महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का तोहफा दिया है। प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 3 प्रतिशत बढ़ा दिया है। इसके बाद अब पात्र कर्मचारियों को 60 प्रतिशत के स्थान पर 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। बढ़ी हुई दर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इस संबंध में शासनादेश शनिवार को जारी कर दिया गया है। सरकार के फैसले के मुताबिक, बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान नवंबर 2026 के नियमित वेतन के साथ किया जाएगा। इससे कर्मचारियों को हर महीने मिलने वाले वेतन में बढ़ोतरी होगी। खास बात यह है कि सरकार ने केवल नियमित राज्य कर्मचारियों तक इस लाभ को सीमित नहीं रखा है, बल्कि सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, तकनीकी शिक्षा संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के पात्र कर्मचारियों को भी इसके दायरे में शामिल किया है।
इन कर्मचारी वर्गों को मिलेगा बढ़े हुए डीए का लाभ
शासनादेश के अनुसार, महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लाभ राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। इसके अलावा शहरी स्थानीय निकायों के नियमित और पूर्णकालिक कर्मचारियों को भी बढ़ी हुई दर का लाभ दिया जाएगा। कार्यप्रभारित कर्मचारियों और यूजीसी वेतनमान पर कार्यरत पदधारकों को भी इस फैसले में शामिल किया गया है। इस तरह सरकार के फैसले से प्रदेश के विभिन्न विभागों और संस्थानों में काम करने वाले लाखों पात्र कर्मचारियों को राहत मिलेगी। महंगाई भत्ता बढ़ने से कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों के बीच कुछ अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। डीए में यह बढ़ोतरी मूल वेतन के आधार पर लागू होगी और नवंबर के वेतन में नई दर के अनुसार भुगतान किया जाएगा।
महंगाई भत्ते की नई दर 1 जुलाई 2026 से लागू होने के कारण कर्मचारियों को जुलाई से अक्टूबर तक का एरियर भी मिलेगा। सरकार ने इस बकाया राशि के भुगतान के लिए कर्मचारी की पेंशन योजना और सेवा की स्थिति के आधार पर अलग-अलग व्यवस्था तय की है। सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) से जुड़े कर्मचारियों के एरियर की राशि में आयकर और सरचार्ज की कटौती के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार पैसा उनके भविष्य निधि खाते में जमा किया जाएगा। शासनादेश के मुताबिक, यह राशि 1 नवंबर 2027 तक खाते में जमा रहेगी। विशेष परिस्थितियों में अंतिम प्रत्याहरण से जुड़े नियम लागू होंगे। इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को एरियर की राशि भविष्य निधि खाते में मिलेगी, लेकिन निर्धारित अवधि तक इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इससे कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में अतिरिक्त बचत भी जुड़ेगी।
एनपीएस कर्मचारियों के लिए 10 और 14 प्रतिशत अंशदान का नियम
राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों के एरियर के भुगतान के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई है। शासनादेश के अनुसार, एरियर की 10 प्रतिशत राशि संबंधित कर्मचारी के टियर-1 पेंशन खाते में जमा की जाएगी। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार नियोक्ता के रूप में एरियर की 14 प्रतिशत राशि के बराबर अपना अंशदान भी कर्मचारी के टियर-1 खाते में जमा करेगी। बाकी 90 प्रतिशत राशि पीपीएफ खाते में जमा कराई जाएगी या राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) के रूप में दी जाएगी। यदि एनएससी उपलब्ध नहीं होती है तो संबंधित राशि नकद प्रदान की जाएगी। इस व्यवस्था के तहत एनपीएस कर्मचारियों के एरियर का भुगतान उनके पेंशन खाते और बचत से जुड़े निर्धारित प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
योगी सरकार ने सेवानिवृत्त हो चुके और जल्द सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। शासनादेश जारी होने से पहले जिन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं, उन्हें एरियर की पूरी राशि नकद दी जाएगी। इसके अलावा 1 जुलाई 2026 से शासनादेश जारी होने की तारीख के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी पूरा बकाया नकद मिलेगा। अगले छह महीने के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को भी इस सुविधा के दायरे में रखा गया है। इस फैसले से उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिनकी सेवा अवधि समाप्त होने वाली है और जिनके लिए भविष्य निधि खाते में एरियर जमा होने का विकल्प व्यावहारिक रूप से अलग स्थिति पैदा कर सकता है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न विभागों, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय निकायों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। नवंबर के वेतन में नई दर लागू होने के साथ कर्मचारियों को जुलाई से अक्टूबर तक के बकाये के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
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