Dussehra Festival Sweets: भारतीय संस्कृति में जब भी किसी बड़े पर्व या उत्सव की बात आती है, तो खानपान का जिक्र स्वतः जुड़ जाता है। मंगलवार को विजय दशमी के पावन पर्व पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब बाजारों में गरम-गरम जलेबी की सोंधी खुशबू ने हर किसी का मन मोह लिया। ज्योतिसर क्षेत्र की स्थानीय दुकानों से लेकर मुख्य बाजारों तक जलेबी की खुशबू और उसे खरीदने के लिए लगी लंबी कतारें त्योहार के उत्साह की गवाही दे रही थीं। सुबह से लेकर देर शाम तक कड़ाही में सुनहरी होती जलेबियों को देखने और चखने के लिए लोगों का आना-जाना लगा रहा।
परंपरा और स्वाद का अनोखा मेल है गर्मागर्म जलेबी
त्योहारों के मौके पर एक-दूसरे का मुंह मीठा कराने की परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन जलेबी का क्रेज ही कुछ अलग है। बाहर से कुरकुरी और भीतर तक चाशनी में सराबोर जलेबी जब अपनी गर्माहट के साथ परोसी जाती है, तो उसका आनंद अलग ही स्तर पर पहुंच जाता है। बच्चों की जिद हो या बुजुर्गों का पुराना शौक, हर वर्ग के लोगों ने इस पारंपरिक मिठाई का लुत्फ उठाया। शहर के दुकानदारों ने भी त्योहारी मांग को देखते हुए सुबह से ही अपनी भट्टियों पर विशेष तैयारियां कर रखी थीं, ताकि ग्राहकों को गरमा-गरम और ताजी जलेबी परोसी जा सके।
दीपावली और भैया दूज तक बाजारों में बनी रहेगी यह मिठास
त्योहारों का यह दौर सिर्फ दशहरे तक सीमित नहीं रहने वाला है। अब यहां से लेकर दीपावली और भैया दूज तक बाजारों की रौनक यूं ही परवान चढ़ती रहेगी। घरों में पकवानों की खुशबू और मेहमाननवाजी का दौर शुरू हो चुका है, जहां रिश्तेदार और दोस्त मिलकर खुशियां बांट रहे हैं। दुकानदारों के चेहरे भी इस बंपर बिक्री से खिले हुए हैं क्योंकि त्योहारी सीजन उनके व्यापार में नई ऊर्जा भर देता है। आने वाले दिनों में मिठाइयों की मांग में और तेजी आने की पूरी संभावना है।

