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Fatehabad Cyber Crime: फेसबुक मैसेंजर पर दोस्त बनकर आया था मैसेज, फतेहाबाद के व्यक्ति को लगा साढ़े 4 लाख का चूना

GGaganpreet Kaur
फेसबुक मैसेंजर पर दोस्त बनकर आया था मैसेज, फतेहाबाद के व्यक्ति को लगा साढ़े 4  लाख का चूना
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फतेहाबाद। सात समंदर पार बैठे अपनों की सोशल मीडिया प्रोफाइल अब आपके बैंक खाते को खाली करने का जरिया बन रही है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला फतेहाबाद में सामने आया है, जहां फेसबुक आईडी हैक कर साढ़े चार लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले एक शातिर अपराधी को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी गुलवेस अंसारी उत्तराखंड के बाजपुर जिले के मुंडिया पिस्तौर का रहने वाला है, जो डिजिटल पहचान चुराकर लोगों को आर्थिक चपत लगाने वाले गिरोह का हिस्सा है।

थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक राहुल देव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरी धोखाधड़ी की कड़ियाँ तब खुलनी शुरू हुईं, जब जिला फतेहाबाद के गांव दमकौरा निवासी भगत सिंह ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

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‘अमेरिका वाले दोस्त’ की मजबूरी देख पिघला दिल, और लग गया चूना

शिकायतकर्ता भगत सिंह का एक परिचित पिछले कई सालों से अमेरिका में रह रहा है, जिससे वे अक्सर सोशल मीडिया के जरिए जुड़े रहते थे। १४ जुलाई २०२५ को अचानक भगत सिंह के मैसेंजर पर उनके इसी अमेरिकी दोस्त की प्रोफाइल से एक मैसेज आया। मैसेज में बेहद भावुक अंदाज में लिखा था कि वह एक बड़ी मुसीबत में फंस गया है और उसे तुरंत पैसों की सख्त जरूरत है।

दोस्त को संकट में देख भगत सिंह बिना सोचे-समझे मदद के लिए तैयार हो गए। इसके बाद ठगों ने उन पर दबाव बनाने के लिए इंटरनेट (वॉट्सऐप) कॉलिंग का सहारा लिया। भगत सिंह को पूरी तरह अपने जाल में फंसाकर आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों के नंबर और क्यूआर कोड भेजे। अपने दोस्त की मदद करने की धुन में भगत सिंह ने किश्तों में कुल ४ लाख ५५ हजार रुपये उन खातों में ट्रांसफर कर दिए।

जब असली दोस्त से हुई बात, तो पैरों तले खिसक गई जमीन

रुपये ट्रांसफर करने के कुछ समय बाद जब भगत सिंह को थोड़ा संदेह हुआ, तो उन्होंने सीधे अमेरिका में रह रहे अपने परिचित के पर्सनल नंबर पर फोन मिलाया। दोनों के बीच जब बातचीत शुरू हुई, तो भगत सिंह के होश उड़ गए। उनके दोस्त ने साफ कहा कि उसने न तो कोई पैसे मांगे हैं और न ही वह किसी मुसीबत में है, बल्कि उसकी फेसबुक आईडी कई दिनों से हैक चल रही है। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत इसकी शिकायत केंद्रीय साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई।

तकनीकी जाल में खुद उलझ गया डिजिटल ठग

मामला दर्ज होने के बाद फतेहाबाद साइबर थाना की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। पुलिस ने जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए थे, उनके आईपी एड्रेस, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और कॉल डिटेल्स का गहनता से साइबर विश्लेषण (साइबर एनालिसिस) किया। कड़ियों से कड़ियां जुड़ती गईं और अंततः डिजिटल सुरागों का पीछा करते हुए पुलिस टीम उत्तराखंड के बाजपुर जा पहुंची, जहां से मुख्य आरोपी गुलवेस अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया।

निरीक्षक राहुल देव के मुताबिक, यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है जो फर्जी दस्तावेजों पर बैंक खाते खुलवाकर हैकिंग के पैसे ठिकाने लगाता है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं और अब तक इन्होंने कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।

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