Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Fatehabad Merchant Navy Officers: युद्ध के बीच फतेहाबाद के दो जांबाज: समंदर पार से 92 हजार टन LPG लेकर आ रहे कृष्ण और अनिल

AAmandeep Singh
युद्ध के बीच फतेहाबाद के दो जांबाज: समंदर पार से 92 हजार टन LPG लेकर आ रहे कृष्ण और अनिल
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

फतेहाबाद। देश इस समय एलपीजी की आपूर्ति में आ रही दिक्कतों से जूझ रहा है, लेकिन इसे दूर करने के लिए पर्दे के पीछे जो संघर्ष चल रहा है, उसकी कमान फतेहाबाद के इन दो सपूतों के हाथों में है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच, भारतीय ध्वज वाले दो बड़े मालवाहक जहाज—नंदा देवी और शिवालिक—ईरान और कतर के समुद्री क्षेत्रों से गैस भरकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं।

इन जहाजों पर सवार कृष्ण गोदारा और अनिल भांभू न केवल अपनी पेशेवर दक्षता दिखा रहे हैं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन दोनों जहाजों में कुल मिलाकर 92,000 टन से अधिक एलपीजी लदी हुई है। यह मात्रा इतनी बड़ी है कि इसके पहुंचने के बाद देश के घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस की किल्लत से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

विज्ञापन

मौत को मात देकर ‘होर्मुज’ पार

इन जहाजों का सफर आसान नहीं था। उन्हें ‘होर्मुज मार्ग’ से गुजरना था, जो वर्तमान में वैश्विक तनाव का सबसे संवेदनशील केंद्र बना हुआ है। युद्ध के साये में इस संकरे समुद्री रास्ते को पार करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। लेकिन भारतीय नौसेना और शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के बेहतरीन तालमेल और अत्याधुनिक तकनीक के सहारे इन युवाओं ने इस बाधा को पीछे छोड़ दिया है। अब ये जहाज सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर अग्रसर हैं।

परिवार को डर, पर देश को फख्र

फतेहाबाद के इन होनहारों की बहादुरी की चर्चा पूरे जिले में है। परिजनों ने बताया कि जब टीवी और समाचारों में युद्ध और जहाजों पर हमलों की खबरें आती हैं, तो मन दहल जाता है। शुरुआत में परिवार काफी डरा हुआ था, लेकिन जब बेटों से बात हुई और उन्होंने अपने हौसले का परिचय दिया, तो डर गर्व में बदल गया। कृष्ण और अनिल ने अपने संदेश में बताया कि भारतीय नौसेना लगातार उनके संपर्क में है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि फतेहाबाद के युवाओं ने साबित कर दिया है कि वे केवल खेती या खेल में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के आर्थिक और ऊर्जा हितों की रक्षा में भी अग्रणी हैं।

विज्ञापन

फतेहाबाद की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।