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Fatehabad Crime: पेस्टीसाइड कंपनी के 'नेक्सस' पर रतिया पुलिस का शिकंजा: एमडी और डायरेक्टर समेत 12 पर संगीन धाराओं में केस दर्ज

AAmandeep Singh
पेस्टीसाइड कंपनी के 'नेक्सस' पर रतिया पुलिस का शिकंजा: एमडी और डायरेक्टर समेत 12 पर संगीन धाराओं में केस दर्ज
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फतेहाबाद। हरियाणा के फतेहाबाद जिले में व्यापारिक साख और भरोसे को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हैदराबाद की दिग्गज पेस्टीसाइड कंपनी ‘नागार्जुन एनएसीएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ (NACL) के आला अफसर अब पुलिसिया जांच के घेरे में हैं। रतिया सिटी थाना पुलिस ने कंपनी के एमडी पवन कुमार और चेयरपर्सन लक्ष्मी राज समेत कुल 12 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद कीटनाशक दवाइयों के कारोबार से जुड़े हलकों में हड़कंप मच गया है।

साजिश के तहत डीलर की फर्जी ‘पहचान’ का इस्तेमाल

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रतिया निवासी पीड़ित डीलर जसबीर सिंह ने इस पूरे गोरखधंधे का पर्दाफाश करते हुए पुलिस को बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने उनके साथ मिलकर एक पूर्व नियोजित षड्यंत्र रचा। आरोप के मुताबिक, आरोपियों ने जसबीर सिंह की फर्म के नाम पर एक फर्जी ईमेल आईडी तैयार की। इतना ही नहीं, डीलर की जानकारी के बिना उसकी फर्म के नाम पर फर्जी बिल काटे गए और उन पर जाली मुहरें व हस्ताक्षर तक किए गए। मामला तब खुला जब पता चला कि जो माल डीलर के नाम पर कागजों में दिखाया गया था, वह असल में उसे कभी मिला ही नहीं, बल्कि उसे चोरी-छिपे अन्य दुकानदारों को बेच दिया गया।

एएसपी की जांच में हुआ दूध का दूध और पानी का पानी

जसबीर सिंह की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए रतिया एएसपी कार्यालय ने इस मामले की गहनता से पड़ताल की। जांच में शुरुआती साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी फंदा कसने का मन बनाया। पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 409 (अमानत में खयानत), 467, 468 और 471 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इन धाराओं की गंभीरता इसी बात से समझी जा सकती है कि इनमें दोष सिद्ध होने पर लंबी जेल का प्रावधान है।

नामजद अधिकारियों की लंबी फेहरिस्त

पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में कंपनी के दिग्गज चेहरे शामिल हैं। एमडी और डायरेक्टर के अलावा एनएसएम वीएन राजू, वीपी कानन उपाध्याय, एजीएम रघुचिंद्र, सुशील शर्मा, डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. योगेश प्रताप सिंह, डिपो इंचार्ज सुखविंद्र सिंह, टीएम मनोज कुमार, किरन कैन्डे और जोनल मैनेजर कपिल बालयान को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह फर्जीवाड़ा केवल एक डीलर तक सीमित था या इसके तार और भी गहरे जुड़े हुए हैं। फिलहाल, रतिया पुलिस ने मामले की फाइल अपने हाथ में ले ली है और जल्द ही आरोपियों को पूछताछ के लिए समन भेजे जा सकते हैं।

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