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Haryana Govt Jobs : हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट से बड़ी संजीवनी: 10,500 कर्मचारियों की नौकरी अब पूरी तरह सुरक्षित

AAmandeep Singh
हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट से बड़ी संजीवनी: 10,500 कर्मचारियों की नौकरी अब पूरी तरह सुरक्षित
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हरियाणा। हरियाणा की सरकारी नौकरियों में ‘पांच अंकों’ के जिस फॉर्मूले पर कानूनी ग्रहण लगा था, वह अब छंटता नजर आ रहा है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका (Review Petition) को स्वीकार कर लिया है। यह फैसला उन हजारों परिवारों के लिए संजीवनी की तरह आया है, जो पिछले कई महीनों से अनिश्चितता के साये में जी रहे थे। दरअसल, सामाजिक और आर्थिक आधार पर मिलने वाले इन अतिरिक्त अंकों को लेकर कोर्ट ने पहले कड़ा रुख अपनाया था, जिससे ग्रुप सी और डी के करीब 53 हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया और चयन सूची पर तलवार लटक गई थी।

क्या था पुराना आदेश और क्यों बढ़ी थी धड़कनें?

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इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए सामाजिक-आर्थिक आधार पर मिलने वाले 5 अंकों के लाभ को एक प्रकार का ‘समानांतर आरक्षण’ करार दिया था। कोर्ट ने ग्रुप सी और डी की भर्ती परीक्षा के परिणाम को रद्द करने के साथ-साथ सीईटी (CET) के आधार पर बिना इन अंकों के नई मेरिट लिस्ट बनाने का आदेश दिया था। उस वक्त अदालत का तर्क था कि जब सरकार पहले ही आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EWS) को आरक्षण दे रही है, तो फिर सामाजिक-आर्थिक अंकों की यह ‘आर्टिफिशियल श्रेणी’ बनाने का क्या औचित्य है? इस आदेश के बाद पहले से तैनात साढ़े 10 हजार कर्मचारियों की नौकरी जाने का डर पैदा हो गया था।

सरकार की दलील और राहत का रास्ता

हरियाणा सरकार ने पुनर्विचार याचिका के जरिए कोर्ट को यह समझाने की कोशिश की कि ये अंक आरक्षण नहीं, बल्कि उन परिवारों को मुख्यधारा में लाने का एक प्रयास है जिनके घर में कोई सरकारी नौकरी नहीं है। सरकार की ओर से पेश हुए कानूनी विशेषज्ञों ने दलील दी कि मेरिट सूची को नए सिरे से तैयार करना न केवल प्रशासनिक रूप से जटिल होगा, बल्कि इससे उन युवाओं के साथ अन्याय होगा जो प्रक्रिया के तहत नियुक्त हो चुके हैं। हाईकोर्ट ने इन तमाम पहलुओं को रिकॉर्ड पर लेते हुए अब कर्मचारियों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है।

अब आगे क्या?

हाईकोर्ट के इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया में आई रुकावटें अब दूर होने की उम्मीद है। हालांकि, यह मामला कानूनी दांव-पेंचों में लंबे समय से फंसा रहा है, लेकिन वर्तमान आदेश ने सरकार को बड़ी राहत दी है। इससे न केवल नियुक्त हो चुके कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हुआ है, बल्कि आगामी भर्ती परीक्षाओं के लिए भी एक स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलने की संभावना बढ़ गई है। ग्रुप सी और डी के बाकी बचे पदों पर भी अब तेजी से नियुक्तियां होने का रास्ता साफ हो सकता है।

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