हरियाणा। हरियाणा की प्रशासनिक व्यवस्था में इन दिनों भारी फेरबदल का दौर चल रहा है। राज्य सरकार ने ब्यूरोक्रेसी की सर्जरी करते हुए मंगलवार देर रात को भारतीय प्रशासनिक सेवा के 18 और हरियाणा नागरिक सेवा के 3 अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से तबादले और नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए। सरकार के इस कदम से प्रशासनिक महकमे में खलबली मची हुई है, क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले सोमवार को भी 6 आईएएस और 18 एचसीएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया था। दो दिनों के भीतर कुल 45 अफसरों की कुर्सियां बदल दी गई हैं।
जींद और चरखी दादरी को मिले नए डीसी, इमरान रजा हटाए गए
इस प्रशासनिक फेरबदल का सबसे बड़ा असर जिला स्तर पर देखने को मिला है, जहां दो अहम जिलों के मुखिया बदल दिए गए हैं। सरकार ने मनदीप कौर को चरखी दादरी की कमान सौंपते हुए वहां का नया जिला उपायुक्त (DC) नियुक्त किया है। वहीं, डॉ. वैशाली शर्मा को जींद जिले की जिम्मेदारी दी गई है। जींद के वर्तमान उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा को फील्ड से हटाकर चंडीगढ़ मुख्यालय बुलाया गया है, जहां वे अब मानव संसाधन विभाग में निदेशक व विशेष सचिव के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।
वीरेंद्र दहिया फिर चर्चा में, दो दिन में दूसरी बार बदला पद
तबादलों की इस सूची में सबसे दिलचस्प मामला आईएएस अधिकारी वीरेंद्र दहिया का है। महज दो दिन पहले पानीपत के डीसी पद से हटाकर उन्हें विशेष सचिव (स्पेशल सेक्रेटरी) के लूप लाइन पद पर भेजा गया था। लेकिन सरकार ने चौबीस घंटे के भीतर ही अपने फैसले में संशोधन करते हुए उन्हें अब परिवहन विभाग के निदेशक (डायरेक्टर) पद का महत्वपूर्ण जिम्मा सौंप दिया है। वहीं, लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे सीनियर आईएएस अधिकारी पंकज यादव की भी मुख्यधारा में वापसी हुई है। उन्हें सहयोग विभाग, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्रधान सचिव के साथ-साथ नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में प्रिंसिपल रेजीडेंट कमिश्नर का तीन गुना जिम्मा दिया गया है।
फरीदाबाद कमिश्नर को मेवात का जिम्मा, कैथल डीसी को अतिरिक्त प्रभार
मुख्यालय के साथ-साथ मंडल स्तर पर भी कुछ अधिकारियों के कंधों पर काम का बोझ बढ़ाया गया है। फरीदाबाद के मंडलायुक्त (कमिशनर) संजय जून को अब अपने मौजूदा काम के साथ-साथ मेवात विकास एजेंसी के चेयरमैन पद का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालना होगा। इसके अलावा, कैथल की जिला उपायुक्त अपराजिता को भी नई जिम्मेदारी मिली है, वे अपने वर्तमान पद के साथ-साथ अब मत्स्य विभाग की अतिरिक्त सचिव का कामकाज भी संभालेंगी। सरकार के इन फैसलों को फील्ड में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने और प्रशासनिक कसावट लाने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है।

