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Anil Vij: हरियाणा की राजनीति के ‘गब्बर’ का अनोखा अंदाज: जानिए क्यों आज तक अनिल विज ने नहीं लिया विधायक फ्लैट

Anil Vij: हरियाणा की राजनीति के 'गब्बर' का अनोखा अंदाज: जानिए क्यों आज तक अनिल विज ने नहीं लिया विधायक फ्लैट

रुतबा बढ़ा पर नहीं बदला रहन-सहन, जानिए हरियाणा के सबसे सीनियर विधायक की कहानी

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AAmandeep Singh

Anil Vij: हरियाणा की राजनीति में मंत्री बनने के बाद सरकारी कोठी लेना सामान्य परंपरा रही है। लेकिन ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने इस परंपरा से अलग मिसाल पेश की है।

वर्ष 2014 से लगातार कैबिनेट मंत्री रहने के बावजूद उन्होंने आज तक न तो सरकारी कोठी ली और न ही विधायक फ्लैट का इस्तेमाल किया। अनिल विज रोजाना अपने विधानसभा क्षेत्र अंबाला छावनी से चंडीगढ़ पहुंचकर मंत्रालय का कामकाज निपटाते हैं और शाम को वापस अपने क्षेत्र लौट जाते हैं।

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हरियाणा के गठन के बाद यह पहला अवसर माना जा रहा है जब कोई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री इतने लंबे समय तक बिना सरकारी आवास के अपनी जिम्मेदारियां निभा रहा है।

राजनीतिक जानकार इसे उनकी सादगी और जनता से लगातार जुड़े रहने की कार्यशैली का उदाहरण मानते हैं। विज पहली बार वर्ष 1990 में 36 वर्ष की उम्र में अंबाला छावनी से विधायक बने थे। अपने राजनीतिक सफर में उन्होंने निर्दलीय चुनाव भी जीते और बाद में भाजपा में वापसी कर 2009, 2014, 2019 और 2024 में लगातार विधायक चुने गए। वह हरियाणा के सबसे वरिष्ठ विधायकों में शामिल हैं।

अंबाला छावनी का उनका प्रसिद्ध टी-पॉइंट आज भी लोगों से सीधे संवाद का प्रमुख केंद्र है। यहां वह नियमित रूप से आम नागरिकों, व्यापारियों और कार्यकर्ताओं से मिलते हैं तथा उनकी समस्याएं सुनते हैं। यह सिलसिला चुनावी मौसम तक सीमित नहीं, बल्कि उनकी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा है।

राजनीति में जहां सरकारी सुविधाओं और पद की पहचान को अक्सर महत्व दिया जाता है, वहीं अनिल विज का सरकारी कोठी और विधायक फ्लैट से दूरी बनाए रखना उन्हें अलग पहचान देता है। उनका मानना है कि जनप्रतिनिधि की असली पहचान सरकारी सुविधाओं से नहीं, बल्कि जनता के बीच उसकी मौजूदगी, उपलब्धता और विश्वास से बनती है।

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