Kajal gold medal Nepal: (महाबीर मैहला) हरियाणा की बेटियां आज अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर खेल जगत में देश-प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। इसी कड़ी में नीलोखेड़ी क्षेत्र के छोटे से गांव सीकरी की होनहार बेटी काजल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।
नेपाल में आयोजित इंडो-नेपाल गेम्स में हिस्सा लेते हुए काजल ने ट्रैक पर अपनी रफ्तार का ऐसा जादू बिखेरा कि हर कोई देखता रह गया। उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर की दौड़ स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो अलग-अलग गोल्ड मेडल अपने नाम किए। काजल की इस उपलब्धि से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है।
स्वदेश लौटने पर हुआ भव्य स्वागत, गूंजे जश्न के नारे
दोहरी जीत हासिल कर जब काजल अपने पैतृक गांव सीकरी लौटीं, तो ग्रामीणों ने उनका पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत किया। गांव सीकरी के सरपंच प्रतिनिधि सतबीर सीकरी और अमरगढ़ के सरपंच प्रतिनिधि हरीश कुमार की अगुवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और ढोल-नगाड़ों के साथ काजल का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। (Nilokheri Sikri village news)
इस दौरान उपस्थित लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर काजल को जीत की बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा फहराना क्षेत्र के युवाओं और खासकर बेटियों के लिए गर्व का विषय है।
मां की आंखों में छलके आंसू, सफलता का श्रेय भी मां को दिया
इस सफलता के पीछे छिपे संघर्ष और भावनाओं का अहसास उस वक्त हुआ जब काजल ने अपनी जीत का पूरा श्रेय अपनी मां को दिया। बेटी के गले में दो-दो स्वर्ण पदक देखकर मां की आंखें खुशी से छलक आईं और यह पल पूरे परिवार के लिए अत्यंत भावुक हो गया।
मीडिया और ग्रामीणों से बातचीत करते हुए काजल ने कहा कि उनकी मां का अटूट विश्वास और हर परिस्थिति में मिला प्रोत्साहन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। एक मां के लिए इससे बड़ा गर्व क्या हो सकता है कि उसकी बेटी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम चमकाए और सफलता का श्रेय सबसे पहले उसे ही दे।
ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं के लिए बनी मिसाल
काजल की यह जीत केवल दो पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन तमाम बेटियों के लिए एक सशक्त संदेश है जो संसाधनों के अभाव के बावजूद बड़े सपने देखती हैं। (Haryana girl wins gold in Nepal)
सरपंच प्रतिनिधियों ने इस मौके पर जोर देते हुए कहा कि यदि ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को सही मंच और प्रोत्साहन मिले, तो वे दुनिया में देश का नाम शीर्ष पर पहुंचा सकती हैं। काजल की यह असाधारण सफलता आने वाले दिनों में गांव की अन्य बालिकाओं को भी खेलों की ओर रुख करने और अपनी मंजिल खुद तलाशने के लिए प्रेरित करेगी।

