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Haryana No PUCC No Fuel: सावधान! 1 अक्टूबर से हरियाणा के इन जिलों में बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

Haryana No PUCC No Fuel: सावधान! 1 अक्टूबर से हरियाणा के इन जिलों में बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

दिल्ली-NCR में प्रदूषण रोकने के लिए 2,780 पेट्रोल पंपों पर लागू होगा नया नियम

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AAmandeep Singh

Haryana No PUCC No Fuel: हरियाणा सरकार ने दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और हाइटेक घेराबंदी शुरू कर दी है। इस साल सर्दियों का सीजन शुरू होने से पहले ही हवा को साफ रखने के लिए सरकार ने एक बेहद कड़ा फैसला लिया है।

आगामी 1 अक्टूबर 2026 से हरियाणा के सभी एनसीआर जिलों में ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ (No PUCC, No Fuel) नीति को जमीन पर उतार दिया जाएगा। इसके तहत अगर आपकी गाड़ी का पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) एक्सपायर हो चुका है, तो आपको पेट्रोल पंप पर तेल नहीं मिलेगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAAQMS) की एक उच्च स्तरीय बैठक में इस पूरी कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को डेडलाइन के भीतर काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

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पेट्रोल पंपों पर लगेंगे एएनपीआर कैमरे, गाड़ियों का होगा इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन

इस सख्त नियम को लागू करने के लिए सरकार कोई ढिलाई नहीं बरतने वाली है। परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजशेखर वुंडरू ने बैठक में बताया कि हरियाणा के एनसीआर में आने वाले सभी 2,780 पेट्रोल पंपों को ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों से लैस किया जा रहा है।

पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर के 775 पेट्रोल पंपों पर यह हाईटेक सिस्टम एक्टिव होगा। जैसे ही कोई गाड़ी तेल भरवाने पहुंचेगी, ये कैमरे उसकी नंबर प्लेट स्कैन कर डेटाबेस से पॉल्यूशन सर्टिफिकेट चेक कर लेंगे। इसके साथ ही सरकार कबाड़ हो चुके (EOL) वाहनों पर भी डंडा चला रही है। इस साल अब तक 2,883 पुराने वाहन जब्त किए जा चुके हैं और ‘नया सफर योजना’ के तहत पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलने पर 100% रोड टैक्स की छूट दी जा रही है।

गुरुग्राम-फरीदाबाद समेत 6 शहरों में चलेंगी 925 इलेक्ट्रिक बसें, बढ़ेगा मॉनिटरिंग नेटवर्क

सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह ग्रीन और इको-फ्रेंडली बनाने के लिए हरियाणा सरकार साल 2026 के अंत तक गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल और रोहतक की सड़कों पर 925 इलेक्ट्रिक बसें उतारने जा रही है। इनमें से 385 बसों की खरीद के ऑर्डर दिए जा चुके हैं।

इसके अलावा, हवा की शुद्धता मापने के लिए निगरानी तंत्र को दोगुना किया जा रहा है। सूबे में अभी 22 निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र (CAAQMS) काम कर रहे हैं, जिनकी संख्या में 23 नए स्टेशन जोड़कर इन्हें 45 किया जा रहा है। 30 सितंबर से पहले इस पूरे नेटवर्क को लाइव करने का लक्ष्य है ताकि सर्दियों के दौरान हवा के प्रदूषण की रीयल-टाइम रिपोर्ट मिल सके।

धूल और कचरा प्रबंधन पर भी कड़ा एक्शन, उद्योगों पर रखी जा रही सीधी नजर

सड़कों से उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए सरकार करीब 1,000 किलोमीटर शहरी सड़कों का वैज्ञानिक पुनर्विकास कर रही है। इसके लिए हरियाणा सरकार जल्द ही सीएसआईआर-सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) के साथ एक एमओयू (MoA) साइन करने जा रही है। वहीं, औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले धुएं पर लगाम कसने के लिए 1,329 फैक्ट्रियों के ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) को सीधे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सर्वर से कनेक्ट कर दिया गया है।

निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे (C&D वेस्ट) को उठाने वाली गाड़ियों में जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य कर दी गई है और एनसीआर के सभी 7 बड़े शहरों में कूड़े के शत-प्रतिशत वैज्ञानिक निस्तारण के लिए नए प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जा रहे हैं।

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