Haryana Weather Update: हरियाणा में पश्चिमी हवाओं की दस्तक के साथ ही मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव महसूस किया जा रहा है। प्रदेश में दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर अब दोगुने के करीब पहुंच गया है। दिन के समय खिली धूप जहां पारा बढ़ा रही है, वहीं सूरज ढलते ही चल रही ठंडी हवाएं रात के तापमान को नीचे गिरा रही हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, आने वाले दिनों में राज्य भर में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहने के आसार हैं।
हिसार में 31.6°C तो नारनौल में 14.0°C पर पहुंचा पारा
पारे के इस उतार-चढ़ाव के बीच हिसार 31.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया। इसके अलावा फरीदाबाद में पारा 30.4°C, तो चंडीगढ़ और चरखी दादरी में 30.3°C रिकॉर्ड हुआ। दूसरी ओर, रातों की ठंडक में इजाफा देखा गया है, जहां नारनौल में न्यूनतम तापमान 14.0°C तक गिर गया, जिससे यह राज्य में सबसे ठंडा स्थान रहा। वहीं भिवानी में न्यूनतम पारा 14.5°C, गुरुग्राम में 14.9°C और पंचकूला में 15.5°C दर्ज किया गया।
एक्सपर्ट की राय: आने वाले दिनों में और गहराएगी गुलाबी ठंड
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि हाल ही में बंगाल की खाड़ी की ओर से आई नमी वाली हवाओं का असर अब कम हो रहा है। इसके प्रभाव से सुबह और शाम के समय ठंडक में और बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, जबकि रात के पारे में हल्का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी दिनों में बारिश की कोई संभावना नहीं है और आसमान बिल्कुल साफ रहेगा।
किसानों के लिए विश्वविद्यालय की सलाह: शुरू करें रबी फसलों की बुवाई
मौसम में आए इस बदलाव को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। HAU के वैज्ञानिकों ने पर्याप्त नमी वाले खेतों में सरसों की उन्नत किस्मों—जैसे RH 30 और RH 0749—की बीजाई शुरू करने की सलाह दी है। बुवाई से पहले बीजों को 2 ग्राम कार्बेंडाजिम प्रति किलोग्राम की दर से उपचारित करने को कहा गया है।
इसके साथ ही चने की C 235 व HC 5 किस्मों तथा चारे के लिए जई और बरसीम की बुवाई के लिए यह समय बिल्कुल उपयुक्त बताया गया है। वहीं धान की फसल कटाई से दो हफ्ते पहले सिंचाई रोकने और कपास की चुगाई सुबह ओस सूखने के बाद ही करने का सुझाव दिया गया है। पर्यावरण संरक्षण और जमीन की उर्वरता बनाए रखने के लिए कृषि विभाग ने पराली न जलाने की सख्त हिदायत भी जारी की है।

