President Droupadi Murmu Kurukshetra: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को एक दिवसीय दौरे पर धर्मनगरी कुरुक्षेत्र पहुंचीं। सुबह तय समय पर कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर उतरने के बाद उन्होंने सीधे प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीकूप भद्रकाली मंदिर का रुख किया।
(President Murmu Bhadrakali Temple) मंदिर प्रांगण में राष्ट्रपति ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और देशवासियों की सुख, शांति तथा खुशहाली की कामना की। इस दौरान हरियाणा के राज्यपाल असीम घोष और मुख्यमंत्री नायब सैनी (Nayab Saini Kurukshetra) विशेष रूप से उनके साथ मौजूद रहे। मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रपति का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रदर्शनी का अवलोकन, गूंजा ‘वंदे मातरम’ (Kurukshetra University exhibition)
मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद राष्ट्रपति का काफिला कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (KU) के लिए रवाना हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की मधुर धुन के साथ उनका भव्य अभिनंदन किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने यहां हरियाणा प्रदेश के 60 वर्षों के गौरवशाली इतिहास और विकास की यात्रा को दर्शाती विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में राज्य के गठन से लेकर अब तक की ढांचागत, सामाजिक और आर्थिक प्रगति की गाथा को तस्वीरों व मॉडलों के जरिए जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।
गुरुकुल के हीरक जयंती समारोह में की शिरकत, लॉन्च किया लोगो
विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों के पश्चात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुकुल में आयोजित हीरक जयंती समारोह में शामिल हुईं। मंच पर दीप प्रज्वलित कर उन्होंने औपचारिक रूप से इस ऐतिहासिक समारोह का आगाज किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने राष्ट्रपति को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका नागरिक अभिनंदन किया।
समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने हीरक जयंती का आधिकारिक लोगो (LOGO) भी जारी किया। (Gurukul Diamond Jubilee Logo) जब मुख्यमंत्री सैनी ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की हालिया उपलब्धियों का ब्योरा रखा, तो राष्ट्रपति ने भी करतल ध्वनि से उनका उत्साहवर्धन किया। ऑडिटोरियम में पूर्व सैनिक, देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी, उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां और प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रतिनिधि भी उपस्थित रहीं।
3 घंटे 25 मिनट का दौरा, छावनी में तब्दील हुई धर्मनगरी
राष्ट्रपति के करीब साढ़े तीन घंटे के इस संक्षिप्त लेकिन बेहद अहम दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर दिखा। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए कुरुक्षेत्र जिले को 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 के लिए पूरी तरह ‘नो-फ्लाइंग जोन’ तथा ‘रेड जोन’ घोषित कर दिया गया है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 और ड्रोन नियम 2021 के तहत जिले में किसी भी तरह के निजी ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लागू की गई है। पूरे इलाके पर नजर रखने के लिए 9 आईपीएस (IPS) अधिकारियों और 30 डीएसपी (DSP) की कमान में पुलिस की 20 कंपनियां मुस्तैद की गई हैं।

