Omar Abdullah Marriage: राजनीति और मीडिया जगत के गलियारों में इस समय एक ऐसी खबर चर्चा के केंद्र में है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जानी-मानी पूर्व टीवी पत्रकार निधि राजदान ने अपने जीवन के एक नए सफर की शुरुआत कर दी है। शनिवार को सोशल मीडिया पर आए दोनों के संदेशों ने इन चर्चाओं पर मुहर लगा दी, जिसके बाद से राजनीतिक हलकों से लेकर आम लोगों के बीच भी इसी की चर्चा हो रही है।
सोशल मीडिया पर तस्वीरों के जरिए इजहार-ए-बयां
शनिवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ खास तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि कल एक नई शुरुआत हुई। इस पोस्ट के साथ उन्होंने एक अंगूठी का इमोजी भी जोड़ा, जिसने तमाम अटकलों को साफ कर दिया। इस वाकये के तुरंत बाद निधि राजदान ने भी अपने आधिकारिक हैंडल से अंगूठी के निशान के साथ प्रतिक्रिया दी और लिखा कि यह पूरा हो चुका है। इन दोनों के सार्वजनिक संदेशों के सामने आते ही यह साफ हो गया कि दोनों ने अपने इस नए रिश्ते को जगजाहिर कर दिया है।
कुछ महीने पहले ही कानूनी रूप से खत्म हुआ था पुराना रिश्ता
यह नया अध्याय ऐसे समय में शुरू हुआ है जब कुछ वक्त पहले ही उमर अब्दुल्ला का अपनी पहली पत्नी पायल नाथ के साथ लंबा वैवाहिक रिश्ता कानूनी रूप से मुकम्मल तौर पर खत्म हुआ था। इसी साल 31 जुलाई को देश के सर्वोच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की आपसी रजामंदी के आधार पर तलाक की अर्जी को अंतिम मंजूरी दी थी। करीब तीन दशक से अधिक पुराना यह रिश्ता साल 2011 से ही अलग-अलग राहों पर चल रहा था।
कानूनी कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों ने न्यायालय के समक्ष यह साफ कर दिया था कि वे आपसी सहमति से अपने तमाम गिले-शिकवे पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चाहते हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा तलाक की अर्जी खारिज किए जाने के बाद, उमर अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां से उन्हें यह कानूनी राहत मिली थी।
राजनीति और पत्रकारिता के बीच रिश्तों का पुराना पन्ना
भारतीय सार्वजनिक जीवन में राजनेताओं और मीडिया जगत के चर्चित चेहरों के बीच इस तरह के रिश्ते पहले भी सुर्खियों में रहे हैं। इससे पहले मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साल 2015 में वरिष्ठ टीवी पत्रकार अमृता राय के साथ चेन्नई में पारंपरिक रीति-रिवाजों से विवाह किया था। उस दौरान भी उस फैसले ने काफी राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं बटोरी थीं। अब उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान के इस नए कदम के साथ ही एक बार फिर से इस अनूठे समीकरण पर बहस और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

