Kari Patta Plant Care: खाने में जब तक तड़के के वक्त ताजा करी पत्ता न पड़े, तब तक उस दक्षिण भारतीय या घरेलू स्वाद में वो बात नहीं आती। पोहा हो, सांभर या फिर कोई चटपटी चटनी, करी पत्ते की खुशबू खाने का मजा ही बदल देती है। हालांकि, बाजार से लाई गई पत्तियां दो-तीन दिन में सूख जाती हैं। ऐसे में यदि आप चाहें तो घर की बालकनी या छत पर ही करी पत्ते का पौधा तैयार कर सकते हैं। इसके लिए न तो बड़े खेत की आवश्यकता है और न ही किसी माली की मदद की। आप इसे बहुत ही साधारण तरीके से बीज के जरिए उगा सकते हैं।
सबसे पहले सही और पके बीजों का करें चुनाव
पौधे की शुरुआत हमेशा बेहतरीन बीजों से होनी चाहिए। गर्मियों के दिनों में करी पत्ते के पौधे पर छोटे-छोटे सफेद फूल खिलते हैं, जिनसे बाद में हरे रंग के फल बनते हैं। पकने के बाद ये फल चमकदार काले रंग के हो जाते हैं, जिनके भीतर असल बीज छिपे होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बीज तैयार करने के लिए हमेशा पूरी तरह पके हुए काले फलों का ही चयन करना चाहिए। कच्चे फलों की तुलना में पके बीजों से अंकुरण की संभावना काफी बढ़ जाती है। याद रखें कि इन फलों का गूदा खाने के काम नहीं आता, इसलिए पौधे के लिए सिर्फ बीज का इस्तेमाल करें।
गमला और मिट्टी तैयार करने का सही तरीका
शुरुआत में बहुत बड़े गमले की कोई जरूरत नहीं होती है। आप लगभग 6 से 8 इंच चौड़ा और 8 से 10 इंच गहरा गमला ले सकते हैं, जिसके तल में पानी निकासी के लिए छेद होना जरूरी है ताकि पानी रुके नहीं। बात करें मिट्टी की, तो लगभग 60 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी और 40 प्रतिशत अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद का मिश्रण पौधों की सेहत के लिए शानदार माना जाता है। यदि मिट्टी भारी लगे, तो उसमें थोड़ी रेतीली मिट्टी मिला लें ताकि जड़ों तक पर्याप्त हवा पहुंच सके।
बीज बोने और अंकुरण की प्रक्रिया
पके हुए काले फल को हल्के हाथ से दबाकर उसका गूदा अलग कर लें, जिसके अंदर हरा बीज मिल जाएगा। अब तैयार मिट्टी में लगभग आधा इंच गहरा छोटा गड्ढा बनाकर उसमें बीज रखें और ऊपर से मिट्टी से ढक दें। मिट्टी को हल्का दबाकर नमी बनाए रखने के लिए पानी का छिड़काव करें। सामान्य तापमान और अनुकूल परिस्थितियों में करी पत्ते के बीज लगभग 10 से 15 दिनों में अंकुरित होने लगते हैं। इस दौरान ध्यान रखें कि मिट्टी में सिर्फ हल्की नमी हो, ज्यादा पानी डालने से बीज सड़ भी सकते हैं।
धूप, पानी और खाद का रखें पूरा ध्यान
करी पत्ते के पौधे को तेजी से बढ़ने के लिए अच्छी रोशनी की दरकार होती है। एक विकसित पौधे को रोज लगभग 6 से 8 घंटे की धूप मिलना बेहद फायदेमंद है, हालांकि शुरुआत में नए अंकुर को तेज दोपहरी की धूप से बचाना चाहिए। पौधे को पोषित करने के लिए वसंत और गर्मियों के मौसम में हर चार से पांच हफ्ते के अंतराल पर हल्की खाद दी जा सकती है। सर्दियों के दिनों में पौधे की ग्रोथ धीमी होना एक आम प्रक्रिया है, इसलिए ठंड के मौसम में खाद देने से बचना चाहिए। सही देखभाल मिलने पर आपका यह पौधा कुछ ही महीनों में पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
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