Karnal News: (मुनीश मुंडे) प्रॉपर्टी आईडी में सुधार के नाम पर जारी घूसखोरी और नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ मंगलवार को करनाल की सड़कों पर कांग्रेस ने जोरदार हल्ला बोला। (Karnal Nagar Nigam Bribe Case) आक्रोशित कांग्रेसी कार्यकर्ता जुलूस निकालते हुए जैसे ही नगर निगम कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचे, वहां पहले से मुस्तैद पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। भारी धक्का-मुक्की के बीच कार्यकर्ताओं ने गेट पर ही निगम प्रशासन का पुतला फूंका और हवा में 500-500 रुपये के नकली नोट उड़ाकर अनूठे अंदाज में विरोध प्रकट किया।
दरअसल, यह पूरा बवाल हाल ही में विजिलेंस टीम द्वारा नगर निगम के एक क्लर्क को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किए जाने के बाद खड़ा हुआ है। क्लर्क पर आरोप है कि उसने एक नागरिक से उसकी प्रॉपर्टी आईडी में मामूली त्रुटि ठीक करने के एवज में पैसों की मांग की थी। इसी घटना को ढाल बनाकर कांग्रेस ने निगम प्रशासन और सत्तापक्ष को कटघरे में खड़ा कर दिया।
‘टेबल के नीचे से क्यों, खुलेआम लो घूस’: तंज कसते हुए हवा में उछाले नकली नोट
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता पराग गाबा और रजत लाठर ने नगर निगम के अधिकारियों पर तीखे हमले किए। विरोध दर्ज कराने के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में 500-500 रुपये के नकली नोटों की गड्डियां ले रखी थीं, जिन्हें उन्होंने निगम दफ्तर के गेट के भीतर हवा में उछाल दिया।
नेताओं ने तीखा तंज कसते हुए कहा, “यदि निगम के अधिकारियों और कारिंदों का पेट रिश्वत से ही भरता है, तो वे मेज के नीचे से छिपकर पैसे क्यों मांगते हैं? सीधे खुलेआम मांगें! आज हम इन नकली नोटों से इनका पेट भरने आए हैं। (Parag Gaba Congress Karnal) ” नेताओं ने आरोप लगाया कि आम जनता अपनी जायज फाइलों को पास कराने के लिए महीनों से चक्कर काट रही है और हर छोटी-बड़ी गलती को सुधारने के नाम पर एक रेट लिस्ट तय कर दी गई है।
विजिलेंस को भनक, पर मेयर अनजान क्यों? व्यवस्था पर दागे तीखे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने केवल कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि निगम की शीर्ष लीडरशिप को भी निशाने पर लिया। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब विजिलेंस को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की गंध मिल जाती है और वे जाल बिछाकर आरोपियों को पकड़ लेते हैं, तो फिर दफ्तर में ही बैठने वाले मेयर और आला अफसरों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगती?
कांग्रेसी नेताओं ने आरोप लगाया कि निचले स्तर के कर्मचारियों की आड़ में बड़े अफसर और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकते। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की, ताकि इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश हो सके।
‘भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के दावों की निकली हवा’
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने राज्य सरकार की नीतियों और दावों पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो मंचों से ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी व्यवस्था’ के कसीदे पढ़े जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि (Rajat Lathar Karnal Protest) प्रॉपर्टी आईडी जैसी जनहितकारी योजनाओं को आम नागरिकों के उत्पीड़न का जरिया बना दिया गया है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम में बिना चढ़ावा चढ़ाए आम जनता के काम होना शुरू नहीं हुए और भ्रष्ट अधिकारियों पर लगाम नहीं कसी गई, तो यह आंदोलन केवल निगम गेट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जिला स्तर पर और उग्र रूप दिया जाएगा।
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