KMP Highway Accident: सोनीपत।रफ्तार के कहर और हादसों के लिए बदनाम होते जा रहे कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर मौत का बेहद खौफनाक मंजर देखने को मिला।
सोनीपत के खरखौदा क्षेत्र से गुजरने वाले इस हाईवे पर दो ट्रकों के बीच हुई आमने-सामने की भीषण टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक ट्रक का केबिन ताश के पत्तों की तरह पिचक गया। टक्कर के ठीक बाद क्षतिग्रस्त केबिन के इंजन वाले हिस्से से उठी चिंगारी ने कुछ ही सेकंडों में विकराल आग का रूप ले लिया।
हादसे के वक्त ट्रक चला रहा चालक स्टीयरिंग और लोहे के मलबे के बीच इस कदर फंस गया कि उसे बाहर निकलने का संभलने तक का मौका नहीं मिला। राहगीर जब तक कुछ समझ पाते और मदद के लिए आगे बढ़ते, तब तक केबिन श्मशान की मानिंद धधक उठा और बेबस चालक उसमें जिंदा जल गया।
टक्कर के बाद चीख-पुकार, देखते ही देखते मलबे में तब्दील हुआ ट्रक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक और डरावना था कि हाईवे पर दूर-दूर तक इसकी गूंज सुनाई दी। दो भारी ट्रकों की इस भिड़ंत के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने तुरंत अपनी गाड़ियां रोककर मलबे में फंसे चालक को निकालने की कोशिश की, लेकिन तभी डीजल टैंक या इंजन में हुए ब्लास्ट की वजह से आग ने पूरे केबिन को अपनी जद में ले लिया।
आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि कोई भी चाहकर भी वाहन के करीब नहीं जा सका। सूचना मिलते ही खरखौदा थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद पानी की बौछारें मारकर आग पर काबू तो पा लिया, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो चुका था और अंदर फंसे इंसान का सिर्फ कंकाल ही शेष बचा।
बिहार का रहने वाला था मृतक, शवगृह में रखवाया गया शव
पुलिस ने जब गाड़ी के नंबर और अन्य दस्तावेजों को खंगालना शुरू किया, तब जाकर मृतक की शिनाख्त हो सकी। मृतक की पहचान बिहार के समस्तीपुर जिले के निवासी बाबर के रूप में हुई है, जो इस रूट पर ट्रक चलाकर अपने परिवार का पेट पालता था।
खरखौदा थाना पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे के बीच से हटवाया ताकि यातायात को सुचारू किया जा सके। इसके बाद मृतक के अवशेषों और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के नागरिक अस्पताल के शवगृह (मॉर्च्युरी) में भिजवा दिया गया है।
हादसे की वजह क्या? पुलिस खंगाल रही है सुराग
यह दर्दनाक हादसा किसी यांत्रिक खराबी की वजह से हुआ या फिर कोहरे, थकान या चालक को नींद की झपकी आने के कारण, इस बात का अभी साफ तौर पर पता नहीं चल सका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दूसरे ट्रक के चालक और घटना के वक्त वहां से गुजर रहे कुछ चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
बाबर के परिजनों को बिहार में इस हादसे की सूचना दे दी गई है, जिनके सोनीपत पहुंचने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बहरहाल, इस दिल दहला देने वाले एक्सीडेंट ने एक बार फिर केएमपी एक्सप्रेसवे पर रात और अलसुबह के वक्त चलने वाले भारी वाहनों की सुरक्षा और रफ्तार नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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