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Kurukshetra Farmers Protest: प्रस्तावित ट्रेड डील के खिलाफ कुरुक्षेत्र में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, सड़कों पर उतरा मोटरसाइकिल मार्च

Kurukshetra Farmers Protest: प्रस्तावित ट्रेड डील के खिलाफ कुरुक्षेत्र में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, सड़कों पर उतरा मोटरसाइकिल मार्च

किसान आंदोलन पार्ट-3? गुरनाम सिंह चढूनी का बड़ा ऐलान, मांगें नहीं मानीं तो 21 जुलाई को करेंगे दिल्ली कूच

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AAmandeep Singh

Kurukshetra Farmers Protest: केंद्र सरकार की प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर हरियाणा के किसानों में भारी नाराजगी है। इसी कड़ी में बुधवार सुबह से ही कुरुक्षेत्र जिला किसान आंदोलन का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

‘देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) गुट, भाकियू (शहीद भगत सिंह) और भाकियू पिहोवा समेत तमाम छोटे-बड़े संगठनों ने मिलकर एक बड़े साझा प्रदर्शन की शुरुआत की है। सुबह 10 बजे से ही जिले के रणनीतिक चौराहों और मंडियों में किसानों और कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया, जिसके बाद संयुक्त रोष मार्च निकाला जा रहा है।

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जिला सचिवालय और एसडीएम दफ्तरों का घेराव, सौंपेंगे ज्ञापन

तय रणनीति के तहत कुरुक्षेत्र शहर में दो मुख्य जगहों- थीम पार्क और पिपली अनाज मंडी को शुरुआती केंद्र बनाया गया है। इन दोनों जगहों से सैकड़ों की तादाद में किसान अपनी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर शहर के मुख्य रास्तों से गुजरते हुए जिला सचिवालय (डीसी दफ्तर) की तरफ बढ़ रहे हैं।

वहां पहुंचकर उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक मांग पत्र सौंपा जाएगा। ठीक इसी तरह का प्रदर्शन पिहोवा इलाके में भी देखने को मिल रहा है, जहां पुरानी अनाज मंडी से शुरू होकर किसानों का काफिला एसडीएम कार्यालय की ओर कूच कर चुका है।

क्यों हो रहा है इस व्यापार समझौते का विरोध?

किसान नेताओं का साफ तौर पर आरोप है कि यदि सरकार ने इस प्रस्तावित ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए, तो भारतीय कृषि क्षेत्र पूरी तरह तबाह हो जाएगा।

आंदोलनकारियों का दावा है कि इस अंतरराष्ट्रीय समझौते के लागू होते ही विदेशी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खुल जाएंगे, जिससे स्थानीय किसानों की फसलों के दाम औंधे मुंह गिरेंगे। मंडी व्यवस्था कमजोर होगी और पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की आय पर इसका बेहद प्रतिकूल और सीधा असर पड़ेगा।

गुरनाम सिंह चढूनी की चेतावनी, 21 जुलाई को दिल्ली घेरने की तैयारी

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने इस मौके पर दोटूक शब्दों में कहा कि किसान अपने हकों और आर्थिक हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि कुरुक्षेत्र का यह प्रदर्शन तो महज एक शुरुआत है, असल लड़ाई आगे लड़ी जाएगी।

चढूनी ने आंदोलन को और धार देने का ऐलान करते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार ने इस जनविरोधी समझौते को तुरंत वापस नहीं लिया, तो आगामी 21 जुलाई को देश भर के किसान दिल्ली की तरफ कूच करेंगे और यह आंदोलन तब तक थमेगा नहीं, जब तक सरकार झुकेगी नहीं।

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