Kurukshetra News: हरियाणा प्रदेश 1 नवंबर को अपने अस्तित्व और विकास यात्रा के ऐतिहासिक 60 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस ‘हीरक जयंती’ अवसर को चिरस्मरणीय बनाने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में एक भव्य एवं ऐतिहासिक राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (KU) के मुख्य ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाले इस गरिमामयी कार्यक्रम में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगी। हरियाणा के 60वें स्थापना दिवस पर राष्ट्रपति का कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर आगमन प्रदेशवासियों के लिए बेहद गर्व और सम्मान का विषय है।
युद्ध स्तर पर जारी हैं तैयारियां, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मामले की जानकारी देते हुए कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे और इस राज्य स्तरीय आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। वीवीआईपी प्रोटोकॉल, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक रूट डायवर्जन, स्वच्छता और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। पुलिस प्रशासन के समन्वय से कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड, मां भद्रकाली मंदिर परिसर तथा गुरुकुल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। नगर परिषद द्वारा शहर की सड़कों की मरम्मत, सौंदर्यीकरण और विशेष सफाई अभियान तेजी से चलाया जा रहा है।
60 साल के विकास का गौरवशाली सफर दर्शाएगी विशेष प्रदर्शनी
स्थापना दिवस समारोह का मुख्य आकर्षण कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में लगने वाली एक विशाल प्रदर्शनी होगी। उपायुक्त ने बताया कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से 1 नवंबर 1966 को पंजाब से अलग होकर बने हरियाणा के 60 वर्षों के संघर्ष, विकास और सफलता की गाथा को दर्शाया जाएगा। कृषि क्रांति, औद्योगिक प्रगति, शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में आई क्रांति के साथ-साथ ओलंपिक व राष्ट्रमंडल खेलों में देश का नाम रोशन करने वाले हरियाणवी खिलाड़ियों की उपलब्धियों को चित्रों, मॉडलों और डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इस प्रदर्शनी का मुख्य ध्येय युवा पीढ़ी को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रगतिशील सफर से रूबरू कराना है।
51 शक्तिपीठों में शामिल मां भद्रकाली मंदिर में करेंगी दर्शन
अपने धर्मक्षेत्र प्रवास के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रसिद्ध सिद्ध पीठ मां भद्रकाली मंदिर में भी शीश नवाएंगी और पूजा-अर्चना करेंगी। मां भद्रकाली का यह पावन धाम देश के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहां पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता सती का दायां घुटना गिरा था। ऐसी मान्यता भी है कि महाभारत युद्ध में विजय श्री प्राप्त करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण और पांडवों ने इसी स्थान पर पूजा की थी। महामहिम के मंदिर आगमन को लेकर मंदिर परिसर में विशेष सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है और स्वागत की सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
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