Ludhiana Minor Gang Rape: पंजाब के लुधियाना से मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक अनाथ नाबालिग बच्ची को साजिश के तहत अपनी हवस का शिकार बनाया गया। पीड़ित बच्ची जब मात्र 8 वर्ष की थी, तब उसके पिता का निधन हो गया था और उसके डेढ़ साल बाद उसकी मां भी इस दुनिया से चल बसीं। इसके बाद से वह लुधियाना में अपनी नानी के पास रहकर ही अपनी पढ़ाई कर रही थी और घटना के वक्त वह 9वीं कक्षा की छात्रा थी। यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया जब करीब 9 महीने बाद एक छोटी सी पर्ची ने इस काले राज से पर्दा उठाया।
अनजान महिला ने हमदर्दी जताकर ऐसे फंसाया
पीड़ित बच्ची ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उसकी बुआ उसे घर वापस भेजने के लिए बस में बिठाकर और टिकट दिलाकर गई थीं। सफर के दौरान बस में उसके साथ एक अनजान महिला आकर बैठी। (Orphan Minor Girl Crime Ludhiana) उस महिला ने बड़ी चालाकी से बच्ची से हमदर्दी जताते हुए बातचीत शुरू की और कहा कि वह भी लुधियाना ही जा रही है। बच्ची उसके झांसे में आ गई। तय बस स्टैंड पर उतारने के बजाय महिला ने उसे लुधियाना के शेरपुर चौक (लोहा पुल) के पास उतार लिया। जब बच्ची ने घर न जाने और वहां उतारे जाने का विरोध किया, तो महिला उसे तरह-तरह की बातों में उलझाती रही।
नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर होटल में की दरिंदगी
शेरपुर चौक पर कुछ ही देर में दो व्यक्ति एक बड़ी गाड़ी लेकर वहां पहुंचे। उन्होंने बच्ची को कोल्ड ड्रिंक पिलाई, जिसे पीते ही उसे चक्कर आने लगे और उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। जब बच्ची ने घबराहट की बात कही, तो उस महिला ने झूठ बोल दिया कि यह सफर की थकान के कारण हो रहा है।
इसके बाद आरोपी उसे खाना खिलाने के बहाने एक होटल में ले गए, जहां दोनों व्यक्तियों ने उसके साथ गैंगरेप किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने उसका मुंह बंद रखने के लिए उसे पैसों और नई एक्टिवा स्कूटी दिलाने का लालच दिया, लेकिन डमी सहमी बच्ची ने सब कुछ लेने से मना कर दिया। इसके बाद आरोपी उसे रात करीब 9 बजे बस्ती जोधेवाल चौक के पास छोड़कर फरार हो गए।
रक्षाबंधन के दिन पर्ची से खुला राज, पुलिस ने दर्ज की FIR
घटना के डर से बच्ची इतने महीनों तक चुपचाप रही और किसी को कुछ नहीं बताया। लेकिन 9 महीने बाद रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जब लड़की के कपड़ों से एक संदिग्ध पर्ची नीचे गिरी, तो उसकी नानी की नजर उस पर पड़ी। (BNS Section 64 Punjab Police) नानी को शक हुआ और जब उन्होंने सख्ती से पूछताछ करते हुए थोड़ी डांट-डपट की, तो बच्ची बुरी तरह टूट गई। उसने रो-रोकर अपने साथ हुई पूरी दरिंदगी की दास्तां अपनी नानी को सुना दी। इसके बाद परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लुधियाना के थाना डिवीजन नंबर 6 में 13 अक्टूबर को अज्ञात महिला और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की सब-इंस्पेक्टर जशनप्रीत कौर इस मामले की गहनता से जांच कर रही हैं और आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
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