Mewat News: हरियाणा के मेवात कैडर में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे टीजीटी शिक्षकों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने नूंह-मेवात क्षेत्र में तैनात योग्य टीजीटी अध्यापकों को पीजीटी (प्रवक्ता) के पद पर पदोन्नत कर दिया है। इस निर्णय के बाद हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) का एक प्रतिनिधिमंडल निदेशक से मिला और पदोन्नति प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी व निष्पक्ष तरीके से पूरा करने पर शिक्षा विभाग की सराहना की।
प्रवक्ता भौतिक विज्ञान जोगिंदर सोनी के नेतृत्व में पहुंचे हसला प्रतिनिधिमंडल में नवनियुक्त प्रवक्ता रविंदर मलिक, नवीन, कैलाश, विकास, नरेंद्र कुमार और प्रवीण कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे। शिक्षकों ने कहा कि मेवात जैसे शैक्षणिक रूप से पिछड़े इलाके में अनुभवी और योग्य प्रवक्ताओं का आना बेहद जरूरी था। इस फैसले से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार देखने को मिलेगा और विषयों की पढ़ाई अधिक सुचारू हो सकेगी।
पोर्टल पर आ रही तकनीकी दिक्कत बनी सिरदर्द
प्रशासनिक स्तर पर पदोन्नति के आदेश जारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर नव-पदोन्नत प्रवक्ताओं को तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि विशेषकर समाजशास्त्र (सोशियोलॉजी) विषय के प्रवक्ताओं की पोस्टिंग विवरण को एचआरएमएस (HRMS) और एमआईएस (MIS) पोर्टल पर अपडेट करने में गंभीर अड़चनें आ रही हैं।
पोर्टल पर डेटा सिंक न होने के कारण शिक्षकों को नए पद पर कार्यभार संभालने और वेतन व अन्य सेवा संबंधी रिकॉर्ड दर्ज कराने में असुविधा हो रही है। संगठन ने मांग की है कि आईटी सेल को तुरंत निर्देश देकर इन डिजिटल कमियों को दुरुस्त कराया जाए ताकि नए प्रवक्ताओं का स्थानांतरण व पदस्थापन रिकॉर्ड बिना किसी विसंगति के दर्ज हो सके।
जीरो टॉलरेंस नीति से बढ़ा शिक्षकों का भरोसा
मुलाकात के दौरान हसला पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मेवात कैडर में इस बार की पदोन्नति प्रक्रिया ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत बिना किसी सिफारिश या गड़बड़ी के संपन्न हुई है। इससे शिक्षकों का विभाग की कार्यप्रणाली पर विश्वास मजबूत हुआ है।
निदेशक ने हसला प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि एचआरएमएस और एमआईएस पोर्टल से जुड़ी तमाम समस्याओं को जल्द से जल्द दूर कर लिया जाएगा, ताकि पदोन्नत शिक्षकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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