Haryana News: 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को नहीं मिलेगा ईंधन, सीएम नायब सैनी ने दी मंजूरी

10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को नहीं मिलेगा ईंधन, सीएम नायब सैनी ने दी मंजूरी
Haryana News: राजधानी दिल्ली की तर्ज पर अब हरियाणा में भी मियाद पूरी कर चुके वाहनों की सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह बंद करने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल हरियाणा के जिलों में अब 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों की पहचान तकनीक के जरिए की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार पेट्रोल पंपों पर स्मार्ट ‘ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन’ (ANPR) कैमरे इंस्टॉल करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने परिवहन विभाग के इस अहम प्रस्ताव को अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी है।
सीएम की हरी झंडी मिलने के बाद अब परिवहन विभाग कैमरों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में जुट गया है। शुरुआती चरण में यह व्यवस्था एनसीआर के चार प्रमुख जिलों—गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में लागू की जाएगी। योजना के अनुसार, जैसे ही कोई वाहन ईंधन भरवाने के लिए पेट्रोल पंप के एंट्री प्वाइंट पर पहुंचेगा, ये कैमरे उसकी नंबर प्लेट को स्कैन कर लेंगे। अगर वाहन निर्धारित समय सीमा पार कर चुका ‘एंड ऑफ लाइफ’ (EOL) श्रेणी का पाया गया, तो पंप संचालक उसे पेट्रोल, डीजल या सीएनजी देने से सीधा मना कर देंगे।
चार जिलों के 679 पेट्रोल पंपों से होगी शुरुआत, ₹40 करोड़ होंगे खर्च
एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर यह हरियाणा सरकार का अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी कदम माना जा रहा है। पहले चरण के लिए चुने गए गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत जिलों में कुल मिलाकर लगभग 679 पेट्रोल पंप संचालित हैं। इन सभी पंपों पर एएनपीआर कैमरे लगाने के लिए करीब ₹40 करोड़ का बजट अनुमानित किया गया है। चार जिलों में यह ट्रायल और पूरी व्यवस्था सफल रहने के बाद इस योजना का विस्तार हरियाणा के अंतर्गत आने वाले एनसीआर के सभी 14 जिलों में किया जाएगा।
दरअसल, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 7 अप्रैल 2015 को एनसीआर क्षेत्र में मियाद पूरी कर चुकी गाड़ियों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी 29 अक्टूबर 2018 को अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन एनसीआर की सड़कों पर नहीं चलने चाहिए। हालांकि, अब तक जमीनी स्तर पर इसकी निगरानी काफी धीमी गति से चल रही थी, जिसे अब पूरी तरह डिजिटल और सख्त बनाया जा रहा है।
जानिए कैसे काम करेगी एएनपीआर (ANPR) तकनीक
एएनपीआर (ANPR) एक विशेष प्रकार का उच्च क्षमता वाला कैमरा सिस्टम है, जिसे वाहनों की नंबर प्लेट को चलती या रुकती स्थिति में पढ़ने के लिए डिजाइन किया गया है। यह कैमरा ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (OCR) तकनीक का इस्तेमाल करता है। जैसे ही गाड़ी कैमरे के सामने से गुजरेगी, यह नंबर प्लेट की फोटो खींचकर उसे तुरंत डिजिटल टेक्स्ट में बदल देगा।
यह डेटाबेस सीधे वाहन पोर्टल के सॉफ्टवेयर से जुड़ा होगा। सॉफ्टवेयर कुछ ही सेकेंड में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, ईंधन का प्रकार और उसकी उम्र की पूरी जानकारी स्क्रीन पर फ्लैश कर देगा। इससे न केवल अमान्य वाहनों की पहचान तुरंत हो जाएगी, बल्कि ट्रैफिक मैनेजमेंट और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
परिवहन मंत्री अनिल विज बोले- जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों का सख्ती से पालन कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। एनसीआर क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त बनाने और नियमों की अनदेखी रोकने के लिए ही यह तकनीकी कदम उठाया जा रहा है।
अनिल विज के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सैनी से फाइल क्लीयर होने के बाद अब विभाग कैमरों की खरीद के लिए नियम व शर्तें तय कर रहा है। बहुत जल्द टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे, ताकि एनसीआर के पेट्रोल पंपों पर कैमरों को स्थापित करने का काम समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
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