Nuh News: मेवात-नूंह जैसे अरावली की तलहटी से जुड़े इलाकों में वन्यजीवों का इंसानी बस्तियों के करीब पहुंचना कोई नई बात नहीं है, लेकिन रविवार को फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के पाटखोरी गांव में जो हुआ, उसने ग्रामीणों की सांसें जरूर अटका दीं।
गांव की गलियों और घरों के आसपास जब लोगों ने तेंदुए के बच्चे जैसा दिखने वाला एक खतरनाक फुर्तीला जीव देखा, तो फौरन सनसनी फैल गई। पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में बकरियों और पालतू कुत्तों पर हमलों की खबरें आ रही थीं, जिससे लोग पहले से ही किसी बड़े शिकारी जानवर के खौफ में जी रहे थे।
सूझबूझ से पकड़ा गया जीव, टब और चादर का लिया सहारा
गांव के ही रहने वाले अल्ताफ ने घटना की आपबीती साझा करते हुए बताया कि यह अजीबोगरीब जानवर उनके घर के बिल्कुल पास मंडरा रहा था। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए उन्होंने और उनके साथियों ने बिना घबराए हिम्मत जुटाई। चार-पासून ग्रामीणों ने मिलकर एक बड़े प्लास्टिक के टब और चादर की मदद से किसी तरह उस जीव को घेरा और सावधानी से पकड़कर लोहे के पिंजरे में कैद कर दिया।
ग्रामीण अब्दुल हई ने बताया कि गांव में इससे पहले कभी इस प्रकार का कोई जीव नहीं देखा गया था, इसलिए हर कोई इसे लेकर अलग-अलग कयास लगा रहा था। वहीं, एक अन्य ग्रामीण हिसा मोहम्मद, जो अक्सर खेतों में ज्वार की फसल की रखवाली करते हैं, उनका मानना था कि इस जीव की मां और इसके तीन अन्य बच्चे आसपास के खेतों में हो सकते हैं।
वन विभाग की सफाई— तेंदुआ नहीं, ‘जंगली बिल्ली’ है
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने फौरन इसकी जानकारी वन्यजीव विभाग को दी, लेकिन उनका आरोप है कि सुबह से फोन करने के बावजूद विभाग की टीम सुस्ती दिखाती रही और शाम करीब तीन बजे तक मौके पर नहीं पहुंची थी, जिससे लोगों में रोष भी देखने को मिला।
इस बीच, वन्यजीव विभाग के अधिकारियों तक जब पकड़े गए जीव की तस्वीरें पहुंचाई गईं, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तेंदुआ नहीं बल्कि ‘जंगली बिल्ली’ प्रजाति का प्राणी है। अधिकारियों के मुताबिक, ये जीव आमतौर पर इंसानों से दूर रहते हैं, लेकिन भोजन या पानी की तलाश में कई बार भटकते हुए रिहायशी इलाकों के करीब आ जाते हैं।
विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस मूक जीव को कोई नुकसान न पहुंचाएं। टीम के मौके पर पहुंचते ही इसे सुरक्षित रूप से वापस इसके प्राकृतिक वास यानी अरावली के जंगलों में छोड़ दिया जाएगा। साथ ही, प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने और किसी भी अनजान वन्यजीव के खुद नजदीक न जाने की सलाह दी है।
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