Narnaul: हरियाणा सरकार द्वारा डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे प्रयासों के तहत जिले में प्रत्येक रविवार को सूखा दिवस (ड्राई डे) के रूप में मनाने के लिए आमजन को प्रेरित किया जाए। इस दिन घरों में रखे कूलर, पानी के बर्तन, हौदी और फूलदानों को खाली करके रगड़कर साफ किया जाए और सुखाने के बाद ही उनमें नया पानी भरा जाए।
यह निर्देश अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया ने आज लघु सचिवालय में आयोजित डिस्ट्रिक्ट लेवल मलेरिया टास्क फोर्स की बैठक में अधिकारियों को दिए।
बैठक में उन्होंने मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के मुख्य लक्षणों, फैलने के कारणों तथा बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि मलेरिया संक्रमित मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसमें सर्दी व कंपकंपी के साथ तेज बुखार, सिरदर्द और उल्टी होती है तथा बुखार उतरते समय शरीर पसीने से तर हो जाता है। समय पर उपचार न मिलने पर यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है।
वहीं, डेंगू व चिकनगुनिया फैलाने वाला ऐडीज मच्छर दिन के समय काटता है और केवल रुके हुए साफ पानी में पनपता है। डेंगू में अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द तथा आंखों के पीछे दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। चिकनगुनिया में बुखार के साथ जोड़ों में गंभीर दर्द और सूजन बनी रहती है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि किसी भी प्रकार का बुखार होने पर नागरिक खुद से कोई दवा न लें, बल्कि तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर खून की जांच करवाएं। उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया की जांच और उपचार ग्राम स्तर तक पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। मलेरिया की पुष्टि होने पर 14 दिन का पूरा इलाज लेना अनिवार्य है, ताकि बीमारी दोबारा न उभरे।
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डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए नागरिक ये करें
नारनौल। सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने बताया कि घरों के आसपास गड्ढों को मिट्टी से भरवाएं। कूलर, होदी, टंकी व पानी से भरे हुए बर्तन सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें व कपड़े से अच्छी तरह से रगड़कर साफ करके ही प्रयोग करें। शरीर ढक कर रखें तथा मच्छर रोधी दवा, क्रीम व कीटनाशक दवाई से उपचारित मच्छरदानी का प्रयोग करें एवं पूरी बाजू के कपड़े पहनें। छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर बंद रखें। मलेरिया के अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में घरों के अंदर कीटनाशक का छिड़काव करवाएं। बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
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डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए नागरिक ये ना करें
नारनौल। सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार ने बताया कि नागरिक अपने स्तर पर एस्प्रिन ब्रूफीन दवाइयों का सेवन न करें। घरों के अंदर व आसपास के गढ़ों में 7 दिन से अधिक पानी इकट्ठा न होने दें। पुराना सामान जैसे टायर, ट्यूब, खाली डिब्बे, पॉलिथीन के लिफाफे खुले में न फेंकें ताकि बरसात का पानी उसमें इकट्ठा न हो।
यदि कुलर प्रयोग में नहीं लाया जा रहा है तो उसमें पानी इकट्ठा न होने दें। हैड पंप व नल के आसपास पानी जमा न होने दें। टायर, ट्यूब, खाली डिब्बे खुले में न छोड़ें। यदि अंदर रखना संभव न हो तो उन्हें ढक कर रखें।
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