Narnaul: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा दक्षिणी हरियाणा को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत महेंद्रगढ़ जिले के लिए वर्ष 2026 में 1250 क्यूसिक पानी का आवंटन किया गया है। पिछले 13 वर्षों में जिले को मिला यह सबसे अधिक आवंटन है। वर्ष 2013 में जिले को 650 क्यूसिक पानी मिलता था।
वर्ष 2014 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद जिले का आवंटन 900 क्यूसिक हुआ। वर्ष 2015 में यह 950 क्यूसिक रहा, 2016 में 900 क्यूसिक और 2017 में 910 क्यूसिक। वर्ष 2018, 2019 और 2020 में जिले को 950 क्यूसिक पानी मिला। वर्ष 2021 में आवंटन पहली बार 1000 क्यूसिक तक पहुंचा। इसके बाद 2022 में 1050 और 2023 में 1100 क्यूसिक पानी मिला। अब 2026 में यह 1250 क्यूसिक हो गया है, जो 2013 के आवंटन से लगभग 92 प्रतिशत अधिक है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि महेंद्रगढ़ और दक्षिणी हरियाणा लंबे समय से पानी की कमी से जूझते रहे थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार इस क्षेत्र को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 2013 में जिले को 650 क्यूसिक पानी मिलता था, जो अब 1250 क्यूसिक हो गया है। इससे सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होगी और किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि आवंटित पानी का सही उपयोग हो, इसके लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
कृष्णावती नदी के कायाकल्प की योजना
जल सुरक्षा की दिशा में राता कलां से मानपुरा तक कृष्णावती नदी के कायाकल्प की योजना भी बनाई गई है, जिस पर 2.77 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे क्षेत्र में जल प्रबंधन बेहतर होने और स्थानीय स्तर पर पानी से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी।
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