Narnaul: अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर मेरा युवा भारत नारनौल, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रेडक्रॉस भवन नारनौल में जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में आरटीए मनोज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आपदा प्रबंधन, सड़क सुरक्षा, सीपीआर तथा प्राथमिक उपचार के प्रति जागरूक करना और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की सहायता करने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में आरटीए मनोज कुमार ने युवाओं को सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं को वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने तथा नशे की स्थिति में वाहन न चलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सड़क संकेतों, ट्रैफिक सिग्नल और सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों के प्रति जागरूक रहने का संदेश देते हुए कहा कि सतर्कता और जिम्मेदार व्यवहार से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया। प्रशिक्षक टेकचंद एवं कौशल ने प्रतिभागियों को बताया कि किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होने, सामान्य रूप से सांस न लेने या हृदय गति रुकने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सहायता देना बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने सीपीआर के महत्व, आपातकालीन सहायता बुलाने तथा छाती पर दबाव देने की सही तकनीक के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही रक्तस्राव, चोट लगने, जलने, बेहोशी और अन्य आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक उपचार देने के आवश्यक तरीकों एवं सावधानियों के बारे में बताया गया।
अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को भूकंप, बाढ़, आग और अन्य प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान सुरक्षा उपायों, पूर्व तैयारी तथा बचाव के तरीकों के बारे में भी जागरूक किया। प्रशिक्षकों ने बताया कि आपदा के समय सही जानकारी, त्वरित प्रतिक्रिया और सामूहिक सहयोग से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव ने कहा कि युवाओं को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर उचित सहायता मिलने से किसी व्यक्ति की जान बचाने में मदद मिल सकती है। युवा समाज में जागरूकता फैलाने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से माय भारत से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि सभी युवा माय भारत के युवा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं और पोर्टल के माध्यम से संचालित विभिन्न युवा गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सामाजिक अभियानों एवं स्वयंसेवी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि माय भारत युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने, नए कौशल सीखने, सामाजिक कार्यों में योगदान देने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम में मंच संचालन हरिश शर्मा ने किया। माय भारत के स्वयंसेवक विवेक, अशोक एवं बृजेश ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेडक्रॉस की ओर से राजकुमार एवं रेखा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और आयोजन में सहभागिता की।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को आपदा जोखिम न्यूनीकरण, सीपीआर, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित यातायात व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया। मेरा युवा भारत, नारनौल द्वारा युवाओं को जागरूक, सक्षम एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
यह भी देखें Narnaul: जनगणना के दूसरे चरण की दो दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ

