Narnaul News: हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार व उपायुक्त अनुपमा अंजली के मार्गदर्शन में जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत बाल विवाह की रोकथाम एवं जन-जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
बाल विवाह निषेध अधिकारी सरीता शर्मा ने बताया कि 21 अक्टूबर 2026 से 21 दिसंबर 2026 तक 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत 27 नवंबर को बाल विवाह, बाल श्रम एवं जबरन विवाह उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में विशेष रूप से मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करना तथा बच्चों के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करना है। इसके लिए गांवों एवं शहरी क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, कॉलेजों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों एवं अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
जिला बाल विवाह निषेध एवं संरक्षण अधिकारी सरीता शर्मा ने आमजन, अभिभावकों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे बाल विवाह की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाएं। किसी भी गांव या क्षेत्र में बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।
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