Narnaul News: दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक को देखते हुए महेंद्रगढ़ जिला प्रशासन ने 5 से 20 नवंबर तक जिले में सख्त रोक लगा दी है। जिलाधीश अनुपमा अंजली ने यह आदेश वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) अधिनियम की धारा 12 के तहत, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पंचकुला के निर्देशों पर जारी किया है।
आदेश में बताया गया है कि 2018 से 2025 तक के आंकड़े देखने पर पता चलता है कि हर साल नवंबर की शुरुआत से बीच तक दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बहुत बढ़ जाता है। कुछ दिन तो हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी तक पहुंच जाती है। इसे रोकने के लिए पहले से ही धूल और धुआं कम करना जरूरी है।
किन कामों पर रोक
जिले में धूल उड़ाने वाली तोड़फोड़ और बाहर होने वाले निर्माण कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे। यह रोक सड़क, हाईवे, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली की लाइन, पाइपलाइन और दूरसंचार से जुड़े सरकारी कामों पर भी लागू होगी।
किन्हें छूट मिली
रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे, अंतर-राज्यीय बस अड्डे, अस्पताल, जलापूर्ति और सफाई व्यवस्था, देश की सुरक्षा व रक्षा से जुड़े काम तथा राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं पर रोक नहीं होगी। लेकिन इन्हें भी धूल रोकने के नियमों और निर्माण व तोड़फोड़ के मलबे के निपटान के नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।
कौन रखेगा नजर
आदेश लागू कराने के लिए एसडीएम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी और अन्य विभाग रोज निरीक्षण करेंगे।
निर्माण और तोड़फोड़ पर नजर रखने की जिम्मेदारी जिला नगर आयुक्त, डीटीपी (प्रवर्तन), प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी और निर्माण कराने वाली अन्य एजेंसियों की होगी।
सड़क, पाइपलाइन जैसी परियोजनाओं के लिए एनएचएआई के परियोजना निदेशक, पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर), डीएचबीवीएन, एचवीपीएनएल और एमसीएस सहित अन्य एजेंसियों के कार्यकारी अभियंता जिम्मेदार होंगे। मौके पर जांच का काम सभी एसडीएम के साथ प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, जेडी (एमएसएमई), जीएमडीआईसी और उप एवं सहायक श्रम आयुक्त करेंगे।
आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी के खिलाफ सीएक्यूएम अधिनियम की धारा 14 और अन्य कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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