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Narnaul News: नारनौल-महेंद्रगढ़ समेत 5 शहरों में अवैध पानी-सीवर कनेक्शन होंगे वैध, न कराने पर कटेगी लाइन

Narnaul News: नारनौल-महेंद्रगढ़ समेत 5 शहरों में अवैध पानी-सीवर कनेक्शन होंगे वैध, न कराने पर कटेगी लाइन

नारनौल-महेंद्रगढ़ समेत 5 शहरों में अवैध पानी-सीवर कनेक्शन होंगे वैध, न कराने पर कटेगी लाइन

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AAmandeep Singh

Narnaul News: जल संरक्षण और उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के मकसद से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने महेंद्रगढ़ जिले में शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले के सभी पांचों शहरों—नारनौल, नांगल चौधरी, महेंद्रगढ़, अटेली और कनीना में अवैध पेयजल एवं सीवर कनेक्शनों को नियमित करने का विशेष अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इसके लिए मंडल और उपमंडल स्तर पर कनिष्ठ अभियंताओं (JE) की अगुवाई में विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर सर्वेक्षण और नियमितीकरण की प्रक्रिया को अंजाम दे रही हैं।

विभाग के अधीक्षण अभियंता एस.पी. जोशी ने बताया कि 1 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान को आम जनता का बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। अब तक आंकड़ों के लिहाज से देखें तो नारनौल में पेयजल के 8 व सीवर के 8, नांगल चौधरी में पेयजल का 1 व सीवर के 26, महेंद्रगढ़ में पेयजल के 6 व सीवर के 8, अटेली में पेयजल के 28 व सीवर के 18 तथा कनीना में पेयजल के 24 व सीवर के 26 अवैध कनेक्शनों को कागजी प्रक्रिया पूरी कराकर वैध किया जा चुका है।

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1550 रुपये में नियमितीकरण, रोड कटिंग चार्ज भी माफ

अधीक्षण अभियंता के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं ने अब तक अपने अवैध कनेक्शनों को नियमित नहीं कराया है, वे बिना किसी हिचकिचाहट के महज 1550 रुपये का सरकारी शुल्क जमा कर इसका लाभ उठा सकते हैं। आमजन को राहत देने के लिए विभाग ने इस समय रोड कटिंग शुल्क को पूरी तरह माफ कर रखा है। हालांकि, वाटर मीटर लगाने का खर्च और अधिकृत प्लंबर की जांच रिपोर्ट का जिम्मा उपभोक्ता का ही होगा।

आवेदन प्रक्रिया को सुगम बनाते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता को दो पासपोर्ट फोटो, फैमिली आईडी, आधार कार्ड, संपत्ति की जीपीएस लोकेशन वाली फोटो तथा मालिकाना हक के प्रमाण के रूप में रजिस्ट्री या इंतकाल की प्रति जमा करानी होगी। इसके साथ ही उन्होंने साफ लफ्जों में ताकीद की है कि अभियान के बावजूद जो लोग अपने कनेक्शन वैध नहीं कराएंगे, उनके कनेक्शन काटकर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।

लीकेज और दूषित जल से बचाव की अपील, टोल फ्री नंबर जारी

अधिकारियों ने आम नागरिकों से पानी की बर्बादी रोकने के लिए नलों पर टोंटी लगाने, स्टैंड पोस्ट सही रखने और पाइपलाइनों को खुला न छोड़ने की अपील की है। दूषित पानी से होने वाली डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए पानी की शुद्धता पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यदि किसी क्षेत्र में पाइपलाइन लीकेज या जलापूर्ति में बाधा आती है, तो नागरिक विभाग के टोल फ्री नंबर 18001805678 या परिमंडल कार्यालय नारनौल के टेलीफोन नंबर 01282-260562 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

गांवों में महिलाओं को दिया जा रहा क्लोरीन जांच का प्रशिक्षण

शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी शुद्ध पेयजल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा के अनुसार, ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों (VWSC) से जुड़ी महिलाओं को पानी में क्लोरीन की मात्रा जांचने का वैज्ञानिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन (WSSO) की बीआरसी (BRC) टीमें गांव-गांव जाकर पानी के नमूनों की जांच कर रही हैं, ताकि पानी जीवाणुरहित रहे और ग्रामीणों की सेहत सुरक्षित बनी रहे।

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