Bhiwani News: नीट घोटाले के खिलाफ भिवानी में फूटा गुस्सा, डीसी दफ्तर के सामने संगठनों का उपवास और धरना
भिवानी में गरजे किसान और मजदूर संगठनों के नेता
Bhiwani News: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक और शिक्षा तंत्र में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रही जंग को अब हरियाणा के भिवानी से भी बड़ा नैतिक और राजनीतिक समर्थन मिल गया है।
सोमवार को भिवानी के उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के बाहर उस समय भारी गहमा-गहमी देखने को मिली, जब क्षेत्र के तमाम प्रमुख जनसंगठन छात्रों के हक में सड़क पर उतर आए। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम), अखिल भारतीय किसान सभा, सीटू (CITU), जनवादी महिला समिति, जन संघर्ष समिति और दलित अधिकार मंच के कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला, बल्कि एकजुटता दिखाते हुए एक दिवसीय सामूहिक उपवास भी रखा।
‘लाठी के दम पर आवाज दबाना बचकानी हरकत’, पास हुआ निंदा प्रस्ताव
धरना स्थल पर मौजूद वामपंथी और किसान नेताओं ने एक सुर में दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों पर हुए बल प्रयोग की तीखी आलोचना की। सभा में बाकायदा एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे निहत्थे छात्रों पर दिल्ली पुलिस के बर्बर लाठीचार्ज के लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार को कसूरवार ठहराया गया।
धरने को संबोधित करते हुए कामरेड ओमप्रकाश, कामरेड अनिल कुमार और सुखदेव पालुवास ने कहा कि पुलिस की लाठियों और बंदूकों के दम पर छात्रों के इस जायज गुस्से को दबाने की कोशिश करना हुकूमत की एक बचकानी हरकत है, जिसे कोई भी लोकतांत्रिक समाज स्वीकार नहीं करेगा।
सोनम वांगचुक का अनशन तुड़वाना अलोकतांत्रिक, शिक्षा मंत्री को हटाने पर अड़ी जनता
नेताओं ने लद्दाख के गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस हिरासत में लिए जाने और उनका आमरण अनशन जबरन खत्म करवाने की कोशिशों पर गहरा रोष जताया। उन्होंने कहा कि देश के भीतर अब नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगें दोहराते हुए कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तुरंत भंग किया जाए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से बर्खास्त किया जाए और मुल्क की तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने का पुख्ता तंत्र बनाया जाए।
22 लाख युवाओं के भविष्य से खिलवाड़, खुदकुशी पर भी मौन है हुकूमत
भिवानी डीसी दफ्तर के बाहर जुटे वक्ताओं ने इस बात पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया कि नीट परीक्षा में हुई धांधली ने देश के 22 लाख से ज्यादा होनहार बच्चों के भविष्य को अधर में लटका दिया है।
पेपर लीक के सदमे और अवसाद के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में सैकड़ों बेगुनाह विद्यार्थी अपनी जान दे चुके हैं (आत्महत्या कर चुके हैं), लेकिन इसके बावजूद केंद्र की सत्ता में बैठे लोग कोई नैतिक जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों पर गाज नहीं गिरती, तब तक जिलों से शुरू हुआ यह जनआक्रोश थमने वाला नहीं है।
यह भी पढ़ें– Haryana Weather Update: हरियाणा के इन 3 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, रोहतक में पारा 40 पार
