July 21, 2026

Karnal News: करनाल मंडी में फूटा मक्का किसानों का गुस्सा, ₹4500 का रेट देकर मुकरी कॉन्ट्रैक्ट कंपनी

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Karnal News: करनाल मंडी में फूटा मक्का किसानों का गुस्सा, ₹4500 का रेट देकर मुकरी कॉन्ट्रैक्ट कंपनी

यूट्यूब और सोशल मीडिया के जरिए जालसाजी, करनाल में महंगे बीज बेचकर मक्का खरीद से भागे डीलर

Karnal News: हरियाणा के सीएम सिटी करनाल की नई अनाज मंडी में सोमवार को मक्का उत्पादक किसानों का सब्र का बांध टूट गया। जिले और आसपास के क्षेत्रों से आए किसानों ने मंडी परिसर में एकत्रित होकर कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया।

पीड़ित किसानों का कहना है कि एक निजी नेटवर्क ने पहले उन्हें मोटी कमाई और सुनहरे भविष्य का सपना दिखाया और अब जब खेतों से मक्का टूटकर मंडी पहुंच चुकी है, तो उसे खरीदने से साफ पल्ला झाड़ लिया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के बैनर तले एकजुट हुए किसानों ने इसे एक सोची-समझी और संगठित धोखाधड़ी करार दिया है।

‘खेतों में जीरी सूख रही और हम 10 दिन से मंडी में ट्रॉली लेकर बैठे हैं’

मंडी में अपनी फसल के साथ लाचार खड़े काछवा रोड क्षेत्र के किसान महेंद्र सिंह ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उन्होंने सुपर गोल्ड बीज स्टोर से ₹10,000 प्रति एकड़ के भाव से दो एकड़ के लिए ₹20,000 का बीज खरीदा था। महंगा बीज होने के बावजूद वह उम्मीद के मुताबिक पूरे खेत में पूरा भी नहीं पड़ा।

महेंद्र ने बताया कि कंपनी ने बाकायदा लिखित एग्रीमेंट किया था कि वे पूरी फसल वापस खरीदेंगे। लेकिन आज पिछले 10 दिनों से वे मंडी में फसल बेचने के इंतजार में रातें काट रहे हैं। हालत यह है कि घर पर पैसे नहीं बचे हैं, बच्चों की परवरिश पर संकट है और दूसरी तरफ खेतों में पानी न मिलने से धान (जीरी) की खड़ी फसल सूख रही है।

सोशल मीडिया और यूट्यूब पर बुना गया झांसे का पूरा जाल

मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता जगदीप मौलख ने इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि पिछले कई महीनों से यूट्यूब और सोशल मीडिया के जरिए किसानों को गुमराह करने का अभियान चलाया जा रहा था। विज्ञापन में दावा किया गया था कि कंपनी का विशेष बीज बोने पर मक्का ₹4500 प्रति क्विंटल के ऊंचे फिक्स रेट पर खरीदी जाएगी और प्रति एकड़ ₹1.5 लाख तक की बंपर आमदनी होगी।

इस झांसे में आकर किसानों ने सामान्य से पांच गुना अधिक कीमत पर बीज खरीदा। बुवाई, खाद, सिंचाई और तुड़ाई पर प्रति एकड़ ₹40,000 से ज्यादा का अतिरिक्त निवेश किया गया। अब जब फसल बेचने का वक्त आया, तो कंपनी दाने में फंगस (उल्ली) लगने का तकनीकी बहाना बनाकर भाग रही है, जबकि किसानों का मक्का पूरी तरह ए-ग्रेड और साफ है।

डीसी दफ्तर घेरने की तैयारी, भाकियू ने कहा—’सबूत हमारे पास, पीछे नहीं हटेंगे’

किसान नेता बहादुर मेहला ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि कॉरपोरेट और बिचौलियों ने मिलकर किसानों की लाचारी का फायदा उठाया है। मक्के की खेती में अधिकांश काम मजदूरों से हाथ से कराना पड़ता है, जिसमें हाड़-तोड़ मेहनत लगती है।

भाकियू ने करनाल जिला प्रशासन और कृषि विभाग को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि काछवा रोड स्थित सुपर गोल्ड बीज स्टोर और संबंधित कंपनी के खिलाफ तुरंत धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि उनके पास लिखित कॉन्ट्रैक्ट और खरीद के पुख्ता दस्तावेजी प्रमाण मौजूद हैं। यदि दो दिनों के भीतर सरकारी हस्तक्षेप से मक्के की खरीद शुरू नहीं कराई गई, तो किसान यह फसल घर ले जाने की बजाय उपायुक्त (डीसी) या उप-कृषि निदेशक (DDA) कार्यालय के सामने डंप कर परमानेंट धरना शुरू कर देंगे।

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