Farmers Delhi March: ट्रेड डील के विरोध में किसानों का दिल्ली कूच, शंभू टोल प्लाजा सील, NH-44 पर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा
शंभू टोल प्लाजा सील, NH-44 पर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा
Farmers Delhi March: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को लेकर किसान संगठनों के तेवर बेहद सख्त नजर आ रहे हैं। इस समझौते के विरोध में किसान संगठनों ने आज राजधानी दिल्ली स्थित ‘किसान घाट’ पर उग्र प्रदर्शन करने और भारी संख्या में ‘दिल्ली कूच’ का ऐलान किया है। किसानों की इस चेतावनी को देखते हुए हरियाणा-पंजाब सीमा पर स्थित अंबाला के शंभू टोल प्लाजा को पुलिस और सुरक्षा बलों ने छावनी में तब्दील कर दिया है।
शंभू टोल प्लाजा पर कंटीले तारों, कंक्रीट के ब्लॉक और लोहे के भारी-भरकम बैरिकेड्स की मदद से बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है, जिससे दिल्ली और पंजाब के बीच जाने वाले यात्रियों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। मौके पर हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात हैं।
‘बैरिकेड्स तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई’—प्रशासन का दोटूक संदेश
सीमा पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी संगठन या प्रदर्शनकारी को दिल्ली की ओर आगे बढ़ने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी। अंबाला पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है।
अधिकारियों ने चेतावनी लहजे में कहा, “यदि किसान बैरिकेड्स तोड़कर जबरन आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे, तो स्थिति से निपटने के लिए कानूनी दायरे में रहते हुए हर संभव सख्त कदम उठाए जाएंगे।” इस बीच आम जनता और वाहन चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने हाईवे से हटने वाले संपर्क मार्गों से डायवर्जन प्लान लागू किया है।
क्यों भड़के हैं किसान? जानें भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विवाद
किसान संगठनों का आरोप है कि केंद्र सरकार भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि, डेयरी और पोल्ट्री (मुर्गी पालन) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को शामिल करने जा रही है। किसान नेताओं का मानना है कि यदि अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों पर आयात शुल्क में ढील दी गई, तो भारतीय बाजारों में विदेशी सामान कौड़ियों के भाव बिकने लगेगा।
किसानों की सीधी आशंका यह है कि अमेरिका से सस्ते कृषि उत्पाद आने से भारत के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। देश के दुग्ध और पोल्ट्री कारोबार को भारी नुकसान पहुंचेगा। इसी आशंका के चलते किसान संगठनों की मांग है कि सरकार इस प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को तुरंत प्रभाव से रद्द करे।
