Pehowa News: संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय में 28 जुलाई से शुरू होगा श्रावण मास, रोजाना 11 हजार बेलपत्रों से होगा भोलेनाथ का पूजन
पिहोवा के संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय में 28 जुलाई से श्रावण मास पूजन शुरू
Pehowa News: पिहोवा के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल अरुणाय स्थित श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर में इस बार सावन का पवित्र महीना 28 जुलाई से शुरू होकर 29 अगस्त तक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। पूरे श्रावण मास में मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रहेगी। मंदिर प्रबंधन और सेवादल ने देश-प्रदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं।
मंदिर सेवादल के प्रबंधक भूषण गौतम ने बताया कि कार्यक्रम अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव महंत रविंद्र पुरी तथा मंदिर के सचिव महंत विश्वनाथ गिरी के पावन सानिध्य में संपन्न होंगे। उन्होंने बताया कि सावन के दौरान रोजाना 11,000 बेलपत्रों से शिवलिंग का भव्य पूजन किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे महीने पार्थिव पूजन का विधान भी अनवरत चलेगा।
10 अगस्त को लगेगा महाशिवरात्रि मेला, 25 को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
श्रावण मास के दौरान 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सुबह 9 बजे के बाद गुरु मंत्र पूजा और विशाल भंडारे का आयोजन होगा। इस बार सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे—पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा सोमवार 24 अगस्त को होगा। सावन का सबसे बड़ा आकर्षण 10 अगस्त को लगने वाला श्रावण महाशिवरात्रि का मेला रहेगा। इस दिन मध्यरात्रि के बाद कांवड़ियों द्वारा लाया गया पवित्र गंगाजल भगवान आशुतोष को अर्पित किया जाएगा।
धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में 25 अगस्त को क्षेत्र में एक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके बाद 27 अगस्त को श्रावण मास की समाप्ति का मुख्य भंडारा आयोजित किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन ने एक आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिस पर पूजा, दर्शन और भंडारे की बुकिंग से जुड़ी तमाम जानकारियां उपलब्ध रहेंगी।
श्रद्धालुओं के लिए गंगाजल टैंक और फोरलेन सड़क की विशेष सुविधा
दूर-दराज से आने वाले शिव भक्तों को इस बार संगमेश्वर महादेव मंदिर में कई नई सुविधाएं देखने को मिलेंगी। सेवादल प्रबंधक के अनुसार मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास 35 हजार लीटर क्षमता का एक विशाल टैंक स्थापित किया गया है, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध गंगाजल हर समय उपलब्ध रहेगा।
इसके अलावा, आवागमन को सुगम बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा मंदिर से गांव के बस स्टॉप तक जाने वाले मुख्य रास्ते को फोरलेन करने का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। फोरलेन सड़क के बीच डिवाइडर पर आधुनिक लाइटें भी लगाई जाएंगी। वहीं महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कतारों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस बार महिला वॉलिंटियर्स का एक विशेष जत्था मंदिर परिसर में तैनात रहेगा।
